LPG Smell Reason: रसोई में इस्तेमाल होने वाला एलपीजी सिलेंडर हर घर का हिस्सा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गैस लीक होने पर इतनी तेज बदबू क्यों आती है? असल में एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) को जब सिलेंडर में भरते हैं, तो उसमें एक विशेष गंधयुक्त रसायन मिलाया जाता है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह और वैज्ञानिक कारण.
क्या होती है एलपीजी और इसमें कितनी गैस होती है?
एक आम रसोई गैस सिलेंडर में करीब 14.2 किलोग्राम एलपीजी गैस होती है. यह गैस प्रोपेन (Propane) और ब्यूटेन (Butane) नामक गैसों का मिश्रण होती है. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि ये दोनों गैसें प्राकृतिक रूप से गंधहीन होती हैं. यानी एलपीजी गैस में कोई बदबू नहीं होती.
गैस में बदबू क्यों मिलाई जाती है?
अगर एलपीजी गैस लीक हो जाए और उसमें कोई गंध न हो, तो यह जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है. इसलिए गैस कंपनियां सुरक्षा के लिहाज से एलपीजी में एक खास रसायन मिलाती हैं. जिसे एथिल मर्कैप्टन (Ethyl Mercaptan) कहते हैं. यह रसायन ही गैस को तेज़ और पहचानने लायक गंध देता है.
क्या है एथिल मर्कैप्टन?
एथिल मर्कैप्टन एक ऐसा रसायन है जिसकी गंध बहुत तेज, अप्रिय और आसानी से पहचानने लायक होती है. यह गंध इस तरह की होती है कि कोई भी व्यक्ति गैस लीक होने पर तुरंत सतर्क हो जाए. यदि यह रसायन एलपीजी में न मिलाया जाए, तो गैस लीक होने पर किसी को भनक भी नहीं लगेगी और भयंकर विस्फोट या आग की संभावना बढ़ सकती है.
बदबू से बढ़ती है सुरक्षा
रसोई गैस में जो बदबू आपको परेशान करती है, वही बदबू आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकती है. क्योंकि जैसे ही एलपीजी का रिसाव होता है. यह गंध वातावरण में फैलती है और लोग तुरंत सतर्क हो सकते हैं. यह एक ऐसा सुरक्षा तंत्र है जिसे विज्ञान ने बहुत सोच-समझकर बनाया है.
एलपीजी लीक होने पर क्या करें?
अगर आपको कभी लगे कि गैस लीक हो रही है, तो तुरंत इन बातों का ध्यान रखें:
- गैस एजेंसी या फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचित करें.
- चूल्हा या बिजली का कोई स्विच न जलाएं और न ही बंद करें.
- तुरंत खिड़कियां और दरवाजे खोलें ताकि गैस बाहर निकल सके.
- गैस सिलेंडर का रेगुलेटर बंद करें.