UP Monsoon Alert: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर प्रदेश में भले ही दस्तक दे दी हो. लेकिन इसकी रफ्तार अब धीमी पड़ गई है. मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. लेकिन बारिश केवल कुछ जिलों तक सीमित रह गई है.
अगले दो दिन अहम, कई क्षेत्रों में बढ़ेगा मानसून
भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अगले दो दिनों में मानसून उत्तर अरब सागर के बचे हुए हिस्सों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों में प्रवेश कर सकता है. स्काईमेट वेदर के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मध्य भागों में 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. जिससे बारिश की संभावना है.
24 घंटे में कहां-कहां हुई बारिश?
पिछले 24 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है. हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश नहीं हुई. बरेली में सबसे ज्यादा 54 मिमी बारिश हुई, जबकि रामपुर के बिलासपुर में 35.6 मिमी और मैनपुरी के पुरवाली में 35 मिमी वर्षा दर्ज की गई. कन्नौज में 32.5 मिमी और गोरखपुर में 32.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
25 जून को 73 जिलों में अलर्ट
25 जून के लिए मौसम विभाग ने 73 जिलों में वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. लोगों को बिजली गिरने से सावधान रहने की सलाह दी गई है.
इन जिलों में भारी बारिश की आशंका
सहारनपुर, मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, अमरोहा, बरेली, पीलीभीत, जालौन, झांसी और ललितपुर जैसे जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है. हालांकि बीते दिन इनमें से अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश नहीं देखी गई.
मानसून कमजोर, उमस से राहत नहीं
राज्य में मानसून की एंट्री के बाद नम हवाएं भले ही सक्रिय रहीं. लेकिन बारिश कमजोर रही. अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे परंतु वर्षा नहीं हुई. जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से कोई राहत नहीं मिली. लोगों को अब भी ठंडी हवाओं और जोरदार बारिश का इंतजार है.
पूर्वानुमान बार-बार हो रहे गलत साबित
पिछले कुछ दिनों में आईएमडी द्वारा लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं. परंतु कई बार पूर्वानुमान गलत साबित हुए हैं. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मानसून जल्द मजबूत हो, ताकि भीषण गर्मी और उमस से राहत मिल सके.
मानसून की धीमी चाल से खेती पर असर
बारिश की अनिश्चितता का सीधा असर कृषि कार्यों पर भी पड़ रहा है. धान की बुआई के लिए किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं. अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती, तो खेती-किसानी की शुरुआत प्रभावित हो सकती है.