Electricity Bill Pending : उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल के चार जिलों—गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती—में बिजली विभाग को भारी बिल बकायेदारी का सामना करना पड़ रहा है। 5,000 रुपये से अधिक बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं पर 3044 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया हो चुका है। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 90 हजार उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लेने के बाद एक बार भी बिल का भुगतान नहीं किया है।
कनेक्शन लिया, लेकिन कभी नहीं चुकाया बिजली बिल
मंडल में 89737 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने बिजली कनेक्शन तो लिया, लेकिन कभी भी बिल का भुगतान नहीं किया। इन उपभोक्ताओं पर कुल 437 करोड़ रुपये का बकाया है। इनमें से कई उपभोक्ता ऐसे हैं, जो लगातार बिजली का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन बिल भुगतान करना भूल गए या जानबूझकर टालते रहे।
जिलेवार बकायेदारी का हाल
देवीपाटन मंडल के सभी चार जिलों में उपभोक्ताओं की संख्या लाखों में है, लेकिन बकाया की स्थिति चिंताजनक है। सबसे ज्यादा बकाया गोंडा जिले में है, जहां लगभग 2,497 करोड़ रुपये की राशि बिजली विभाग को वसूलनी है।
| जिला | बिजली उपभोक्ताओं की संख्या | बकाया राशि (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| गोंडा | 4,87,627 | 2,497.56 |
| बहराइच | 4,83,039 | 877.87 |
| बलरामपुर/श्रावस्ती | 4,43,067 | 868.65 |
एक बार भी बिल न जमा करने वालों की स्थिति
जो उपभोक्ता कनेक्शन लेने के बाद कभी भी बिल जमा नहीं किए, उनकी संख्या और बकायेदारी नीचे दी गई तालिका से स्पष्ट होती है:
| जिला | ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या | बकाया राशि (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| गोंडा | 46,754 | 116.58 |
| बहराइच | 11,631 | 105.98 |
| बलरामपुर/श्रावस्ती | 31,352 | 214.61 |
विभाग की वसूली योजनाएं और सीमाएं
पावर कारपोरेशन समय-समय पर बकाया बिल वसूली के लिए विशेष अभियान चलाता है। साथ ही “एकमुश्त समाधान योजना” (OTS Scheme) के तहत ब्याज में छूट भी दी जाती है, जिससे उपभोक्ता बकाया भुगतान के लिए प्रेरित हों। हालांकि, गत वर्ष मात्र 170 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी थी, जो अपेक्षाकृत बेहद कम है।
बिल न मिलने से उपभोक्ताओं में असंतोष
एक बड़ा कारण यह भी है कि कई उपभोक्ताओं को समय से बिजली बिल नहीं मिल पाता, जिससे वे बिल जमा नहीं कर पाते। कई बार मीटर रीडिंग में गड़बड़ी, उपभोक्ताओं का पता गलत होना या ऑनलाइन सिस्टम में गड़बड़ी भी वसूली में बाधा बनती है।
बिजली विभाग की नई योजना और अभियान
अब विभाग बकायेदार उपभोक्ताओं से सख्ती से वसूली के लिए एक नया विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके अंतर्गत बिल न चुकाने वालों के कनेक्शन काटे जा सकते हैं या उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। विभाग का उद्देश्य है कि 2025 तक बकाया राशि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।
बिजली बिल न जमा करने की आर्थिक और सामाजिक समस्या
बिल न जमा करना केवल एक प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि राजस्व हानि और सेवा बाधा का कारण भी बनता है। इससे नई बिजली परियोजनाएं और ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाएं भी प्रभावित होती हैं। विभाग को नए कनेक्शन जारी करने या विद्युत लाइनों के रख-रखाव में बाधाएं आती हैं।
समाधान की दिशा में सामूहिक पहल जरूरी
बिजली बिल का नियमित भुगतान केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर उपभोक्ता का कर्तव्य है। विभाग को चाहिए कि वह बिल वितरण प्रणाली को सुधारे, डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करे और उपभोक्ताओं को समय पर रिमाइंडर भेजे। वहीं उपभोक्ताओं को भी चाहिए कि वे ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएं।