School Holiday Extension: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच परिषदीय विद्यालयों को 16 जून से दोबारा खोले जाने के फैसले पर सवाल खड़े हो गए हैं. राज्य के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिक्षा विभाग से गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने की अपील की है. शिक्षकों का कहना है कि तेज लू और 45 डिग्री पार कर रहा तापमान बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
स्कूल खुलने की तारीख 16 जून
परिषदीय विद्यालयों के 16 जून से खुलने की घोषणा के बाद शिक्षकों में असंतोष की लहर है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो चुका है और लू का प्रकोप जारी है. ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल बुलाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है.
शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा शिक्षा मंत्री से मिलने
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनय तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने स्कूलों की छुट्टियां जुलाई तक बढ़ाने, शिक्षकों की पदोन्नति और चयन वेतनमान जैसी मांगें उठाईं.
शिक्षा निदेशक से भी हुई बातचीत
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल से मुलाकात की और उन्हीं मांगों को दोहराया. प्रतिनिधिमंडल में उमाशंकर सिंह, विश्वनाथ सिंह, डॉ. अमित कुमार, शैलेंद्र कुमार और डॉ. संजय जैसे वरिष्ठ शिक्षक नेता शामिल थे.
बीटीसी शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर स्कूलों की छुट्टियां आगे बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने लिखा कि गर्मी के इस प्रचंड दौर में बच्चों को स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. इस समय हीटवेव चल रही है, जो बच्चों के लिए ‘खतरे की घंटी’ है.
30 जून तक स्कूल बंद रखने की उठी मांग
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संतोष तिवारी और प्रदेश सचिव दिलीप चौहान ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परिषदीय विद्यालयों को 30 जून तक बंद रखने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जब तक गर्मी कम नहीं होती, तब तक स्कूलों को खोलना छात्रों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है.
45 डिग्री से ऊपर पहुंचा तापमान, खतरे में बच्चों की सेहत
राज्य के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, और तेज गर्म हवाएं भी चल रही हैं. ऐसे में बच्चों का खुले वातावरण में स्कूल आना-जाना गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकता है. स्कूलों में भी अधिकतर स्थानों पर पर्याप्त कूलिंग की व्यवस्था नहीं होती. जिससे कक्षाओं में बैठना बेहद कठिन हो सकता है.
परिषदीय शिक्षकों की भी पदोन्नति और तबादले की मांग
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी से मुलाकात की. उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों को 16 जून के बजाय आगे खोलने की मांग के साथ-साथ 15 से अधिक जिलों में भी तबादले की मांग दोहराई.
सरकार के सामने चुनौती
इस समय सरकार के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है—एक ओर पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखना और दूसरी ओर बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना. शिक्षक संगठनों का कहना है कि छुट्टियों को 30 जून तक बढ़ाया जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में शिक्षा शुरू कर सकें.
क्या फैसला लेगी सरकार?
अब सभी की निगाहें उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगले कदम पर टिकी हैं. क्या सरकार शिक्षकों और अभिभावकों की इस अपील पर विचार करेगी? या फिर स्कूल निर्धारित तारीख यानी 16 जून से ही खुलेंगे?