Free Ration Distribution 2025: उत्तर प्रदेश के अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. राज्य सरकार द्वारा जुलाई माह के राशन वितरण की प्रक्रिया 20 जून से शुरू की जा रही है. यह वितरण 10 जुलाई तक चलेगा. जिसके तहत करोड़ों परिवारों को मुफ्त राशन के साथ सस्ती दर पर चीनी भी उपलब्ध कराई जाएगी.
अंत्योदय कार्डधारकों को मिलेगा राशन के साथ चीनी
डीएसओ विजय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि इस बार अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो नि:शुल्क राशन मिलेगा, जिसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल शामिल होगा. इसके साथ ही उन्हें तीन महीने की तीन किलो चीनी भी दी जाएगी. जिसकी कीमत मात्र 18 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है. यानी कुल 54 रुपये में तीन किलो चीनी का लाभ मिलेगा.
पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को भी मिलेगा मुफ्त अनाज
पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को इस बार भी प्रति यूनिट दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल नि:शुल्क दिया जाएगा. यह व्यवस्था सभी जिलों के सरकारी उचित दर दुकानों के माध्यम से लागू की जाएगी.
अगर राशन वितरण में हो दिक्कत, तो यहां करें शिकायत
राशन कार्डधारकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 1800 150 जारी किया है. यदि किसी लाभार्थी को राशन लेने में कोई समस्या आती है, तो वह इस नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है.
तकनीक से पारदर्शी हुआ राशन वितरण तंत्र
यूपी सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए कई तकनीकी उपाय लागू किए हैं.
- ई-पॉस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण अब लाभार्थियों को सीधे मिल रहा है.
- ई-केवाईसी और आधार सत्यापन प्रणाली ने राशन वितरण को अधिक प्रभावी बना दिया है.
इस तकनीकी बदलाव से बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और गरीबों तक अनाज पहुंचाने में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है.
देशभर में हो रही है ई-केवाईसी की सुविधा
अब राशन कार्डधारक देश के किसी भी उचित दर दुकान पर ई-केवाईसी करा सकते हैं. यह सुविधा माइग्रेटेड लाभार्थियों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हो रही है. इससे किसी अन्य राज्य में जाकर भी राशन प्राप्त करना आसान हो गया है.
योगी सरकार का लक्ष्य
योगी आदित्यनाथ सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि सभी लाभार्थियों की ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूरी की जाए, ताकि राशन वितरण प्रणाली को और मजबूत किया जा सके. यह प्रक्रिया खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों को सुनिश्चित करने में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.