Kharif Mini Kit Distribution: खरीफ सीजन की बुवाई से पहले यूपी सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने घोषणा की कि इस वर्ष राज्य के किसानों को 4.58 लाख मिनी किट मुफ्त बांटी जाएंगी. इन किट्स में दलहन, तिलहन और श्री अन्न की उन्नत किस्में शामिल होंगी. जिससे किसानों को अच्छी पैदावार के साथ अधिक आय भी मिलेगी.
दलहन, तिलहन और श्री अन्न की मुफ्त किट
कृषि मंत्री ने बताया कि कुल 4.58 लाख मिनी किट में से 1.05 लाख मिनी किट दलहन की होंगी, जिनमें उड़द, मूंग और अरहर की उन्नत किस्में शामिल हैं. 1 लाख मिनी किट तिल की और 6 हजार मिनी किट मूंगफली की होंगी. श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए 2.47 लाख मिनी किट बांटी जाएंगी. जिनमें सांवा, कोदों, ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज शामिल हैं. इसका उद्देश्य किसानों को विविध खेती की ओर प्रेरित करना और भूमिगत जल व मिट्टी की गुणवत्ता को सुरक्षित रखना है.
किसानों को मिलेगा ₹410 करोड़ से अधिक का लाभ
प्रदेश में खरीफ फसल के बेहतर उत्पादन के लिए 410.67 करोड़ रुपये की राशि किसानों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जा रही है. कृषि मंत्री ने बताया कि यह राशि समय पर बुवाई और उन्नत किस्मों के बीज वितरण, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों पर खर्च की जा रही है.
विकसित कृषि संकल्प अभियान का असर
29 मई से 12 जून तक चलने वाले विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत अब तक कई जिलों में तेज़ी से कार्य हुआ है. इसमें:
- 550 कृषि वैज्ञानिक ‘लैब टू लैंड’ मॉडल के तहत किसानों को मार्गदर्शन दे रहे हैं.
- प्रदेश के 10,125 स्थानों पर वैज्ञानिक कृषक संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
- अब तक 4,959 स्थानों पर कार्यक्रम हो चुके हैं, जिनमें 8.39 लाख किसानों ने हिस्सा लिया है, जिनमें 6.48 लाख पुरुष और 1.91 लाख महिला किसान शामिल हैं.
यह अभियान किसानों को उन्नत तकनीकों, उर्वरक के सही इस्तेमाल और बाजार से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है.
मक्का उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में मक्का खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए अभियान के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं. वर्ष 2013 में मंडियों में 3.95 लाख मीट्रिक टन मक्का की आवक होती थी, जो अब बढ़कर 27 लाख मीट्रिक टन पहुंच गई है.
वर्तमान समय में 24 जिलों में किसान आलू के साथ मक्का की मिश्रित खेती कर रहे हैं. जिससे उन्हें अधिक आमदनी हो रही है. अप्रैल 2025 से अब तक 2.32 लाख मीट्रिक टन मक्का मंडियों में भेजा जा चुका है.
मुख्यमंत्री करेंगे मक्का किसानों से सीधा संवाद
इस तेजी से बदलते कृषि परिदृश्य को समझने और किसानों की समस्याएं व अनुभव जानने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मक्का किसानों से संवाद करेंगे. संभावना है कि वह रविवार को कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में किसानों से सीधे बातचीत करें.
इस कार्यक्रम की तैयारियां कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश में चल रही हैं. संवाद के माध्यम से सरकार नीतियों की समीक्षा और किसानों से फीडबैक लेने की दिशा में कदम उठा रही है.
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
- सीधे संवाद से किसान सरकार की योजनाओं से बेहतर जुड़ सकेंगे.
- मिनी किट से बीज खरीद की लागत घटेगी.
- फसल विविधता से जल और मिट्टी का संरक्षण होगा.
- सरकारी सहयोग से उत्पादन और आमदनी बढ़ेगी.
- उन्नत किस्मों के प्रयोग से फसल की गुणवत्ता सुधरेगी.