Ration Card Campaign: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य के हर गरीब को मुफ्त राशन देने के लिए बड़ा अभियान चला रही है. इसका उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे और उसकी पहचान सुनिश्चित की जाए.
15 करोड़ से अधिक लोग ले रहे मुफ्त राशन का लाभ
अब तक राज्य में 3.16 करोड़ सामान्य राशन कार्ड और 40.73 लाख अंत्योदय राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिनसे करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है. अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 1.29 करोड़ से अधिक है, जो अत्यंत गरीब तबके को कवर करती है.
प्रयागराज सबसे आगे
खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज जिला राशन कार्ड वितरण में सबसे आगे है. यहां 9,34,677 सामान्य राशन कार्ड और 40,29,226 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं. इसके बाद सीतापुर, आगरा, लखनऊ, जौनपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, बरेली, सिद्धार्थनगर और लखीमपुर खीरी का स्थान आता है.
अंत्योदय राशन कार्ड में गोरखपुर अव्वल
गोरखपुर जिले में सबसे अधिक 1,26,392 अंत्योदय राशन कार्ड जारी किए गए हैं। जिनसे 4,56,750 लाभार्थी जुड़े हैं. इसके बाद सीतापुर, लखीमपुर खीरी, आजमगढ़, बरेली, प्रयागराज, सिद्धार्थनगर, जौनपुर, लखनऊ और फिरोजाबाद इस सूची में शामिल हैं.
डिजिटल प्रणाली से पारदर्शी हो रहा राशन वितरण
सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए आधार-लिंक्ड सत्यापन, ऑनलाइन आवेदन, और पीओएस मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया है. इससे हर पात्र लाभार्थी तक राशन पहुंचाना संभव हो पाया है.
हर जिले में पात्रता पहचान का अभियान जारी
जिला प्रशासन को पात्रता की जांच के लिए जिम्मेदारी दी गई है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी गरीब परिवार को राशन से वंचित न किया जाए. यह अभियान घर-घर जाकर जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने पर केंद्रित है.
सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद तक पहुंचे राशन
योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि कोई भी गरीब भूखा न रहे. इसके लिए गेंहू, चावल, दाल और जरूरी वस्तुएं हर महीने मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही हैं. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह योजना समान रूप से लागू है.