Train Missed Ticket Refund: आज के समय में ट्रेन छूटना कोई नई बात नहीं है। लोग पहले अपने जरूरी काम पूरे करते हैं और फिर स्टेशन की ओर भागते हैं। कई बार प्लेटफॉर्म ढूंढने, ट्रेन की जानकारी न मिलने या टिकट ढूंढते समय भी ट्रेन छूट जाती है। ऐसे में हमारे मन में पहला ख्याल आता है – “अब इस टिकट का क्या करेंगे?” लेकिन ध्यान दें, आपकी यह टिकट पूरी तरह बेकार नहीं है। रेलवे के कुछ नियमों को जानकर आप इस टिकट का सही इस्तेमाल या रिफंड प्राप्त कर सकते हैं।
जनरल टिकट है? तो सफर अब भी मुमकिन
अगर आपने जनरल डिब्बे का टिकट लिया है और ट्रेन छूट गई है, तो परेशान न हों। जनरल कोच की खासियत यही होती है कि इसमें सीटों की आरक्षित व्यवस्था नहीं होती। अगर आपकी ट्रेन छूट गई है तो आप उसी टिकट से अगली किसी अन्य ट्रेन के जनरल डिब्बे में सफर कर सकते हैं, बशर्ते वह ट्रेन भी उसी रूट पर हो।
- जनरल टिकट पर किसी भी खाली सीट पर बैठ सकते हैं
- नई ट्रेन के जनरल डिब्बे में चढ़ सकते हैं, लेकिन ट्रेन की पुष्टि संबंधित अधिकारी से जरूर कर लें
कंफर्म टिकट है? तो नहीं कर सकते सीधे दूसरे ट्रेन में सफर
अगर आपके पास कंफर्म टिकट है और आपकी ट्रेन छूट गई है, तो अब आप उस टिकट से किसी दूसरी ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकते। ऐसा करना नियमों के खिलाफ है और अगर पकड़े गए तो फाइन देना पड़ सकता है।
- कंफर्म टिकट सिर्फ उसी ट्रेन के लिए मान्य होता है
- दूसरी ट्रेन में चढ़ने पर टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है
ट्रेन छूट गई? तो TTE से संपर्क कर सकते हैं
अगर किसी आपात स्थिति के कारण आपकी ट्रेन छूट गई है और आपको जरूरी यात्रा करनी है, तो आप स्टेशन पर मौजूद TTE (Travelling Ticket Examiner) से मदद मांग सकते हैं।
- TTE आपकी स्थिति को समझते हुए आपको दूसरी ट्रेन में नई सीट अलॉट कर सकता है
- लेकिन इसके लिए आपको नई टिकट का किराया अलग से देना होगा
- पहली वाली टिकट दूसरी ट्रेन में सफर के लिए वैध नहीं मानी जाएगी
काउंटर से भी ले सकते हैं मदद
अगर आप चाहते हैं कि ट्रेन छूटने के बाद कोई वैकल्पिक व्यवस्था मिल जाए, तो आप स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर संपर्क कर सकते हैं। हालांकि रेलवे के पास एक ट्रेन के टिकट से दूसरी ट्रेन में सफर करने का कोई स्थायी नियम नहीं है, इसलिए यह पूरी तरह टीटीई या संबंधित अधिकारी की सहमति पर निर्भर करता है।
- काउंटर पर जाकर स्थिति स्पष्ट करें
- यदि यात्रा संभव नहीं हो रही है, तो टिकट के रिफंड के लिए आगे की प्रक्रिया अपनाएं
टिकट फेंकने की गलती न करें – फाइल करें TDR
अगर आपकी ट्रेन छूट गई है और आप यात्रा नहीं कर पा रहे हैं, तो TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करना एक बेहतर विकल्प है। इससे आप टिकट के रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
TDR फाइल करने के लिए दो स्थितियां होती हैं:
ऑनलाइन बुक टिकट:
- आपने यदि IRCTC या किसी ऐप से टिकट बुक की है, तो आप ऑनलाइन TDR फाइल कर सकते हैं
- इसके लिए ट्रेन छूटने के 1 घंटे के अंदर आवेदन करना होता है
- रिफंड की स्थिति और प्रगति आप IRCTC की वेबसाइट या ऐप से ट्रैक कर सकते हैं
काउंटर से बुक टिकट:
- आपको स्टेशन जाकर TDR फॉर्म भरकर सबमिट करना होगा
- इसके लिए बुकिंग स्टेशन पर संपर्क करें, फॉर्म लें और कारण के साथ भरकर जमा करें
कितनी देर में करना होगा TDR क्लेम?
ट्रेन छूटने के 1 घंटे के भीतर TDR फाइल करना जरूरी होता है। अगर आपने देरी कर दी, तो आपको रिफंड नहीं मिलेगा। रेलवे रिफंड तभी देता है जब आपका आवेदन नियमानुसार और समयसीमा के भीतर किया गया हो।
TDR कब और कितने प्रतिशत रिफंड मिलता है?
रिफंड की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि:
- आपने टिकट किस श्रेणी में बुक की थी
- कितने समय पहले कैंसिल किया या ट्रेन छूटी
- यात्रा शुरू हुई या नहीं
- TDR फाइल करने की टाइमिंग
आमतौर पर रेलवे कुछ कटौती के बाद ही रिफंड प्रोसेस करता है, और यह प्रक्रिया 7 से 15 कार्यदिवस के भीतर पूरी होती है।
टिकट रद्द करने और TDR फाइल करने में क्या अंतर?
TDR फाइल करने का मतलब है कि आप यात्रा नहीं कर सके लेकिन टिकट आपके पास था, जैसे ट्रेन छूट जाना, सीट न मिलना, आदि। टिकट कैंसिलेशन का मतलब है कि आपने सफर से पहले ही टिकट को रद्द कर दिया