Dry Day 2025: हरियाणा के सिरसा जिले में कालांवाली नगर पालिका आम चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने शराब की बिक्री और परोसने पर दो दिन का पूर्ण प्रतिबंध (ड्राई डे) लागू करने का निर्णय लिया है. यह निर्णय मतदाता क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को सख्त बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.
मतदान से 48 घंटे पहले लागू होगा प्रतिबंध
राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 29 जून से शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. यह ड्राई डे मतदान से ठीक 48 घंटे पहले लागू होगा और मतदान समाप्ति तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान सिरसा जिले में किसी भी प्रकार से शराब की खरीद-बिक्री, परोसने और सेवन की अनुमति नहीं होगी. कानून का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ड्राई डे का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए.
मतदान और मतगणना की तारीखें घोषित
कालांवाली नगर पालिका आम चुनाव को लेकर चुनावी कार्यक्रम भी तय कर दिया गया है. नामांकन प्रक्रिया 10 जून से शुरू होगी और 15 जून को मतदान कराया जाएगा. यदि किसी कारणवश पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं हुई, तो 30 जून को सुबह 11 बजे मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. मतदान की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पहले से ही कड़े सुरक्षा इंतज़ाम और निगरानी योजनाओं पर काम कर रहा है.
ड्राई डे पर रहेगा पूरी तरह प्रतिबंध
ड्राई डे के दौरान न केवल शराब की बिक्री बंद रहेगी. बल्कि बार, रेस्टोरेंट, ढाबों और किसी भी सार्वजनिक स्थल पर शराब परोसने पर भी रोक रहेगी. यहां तक कि शराब के निजी स्टॉक को भी सार्वजनिक रूप से उपभोग में लाना कानूनन अपराध माना जाएगा. धारा 135C के अंतर्गत यह प्रतिबंध लागू होगा और इसका उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है.
स्थानीय प्रशासन को मिले सख्त निर्देश
राज्य चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को निर्देशित किया है कि ड्राई डे की अवधि में नियमित चेकिंग अभियान चलाएं जाएं. इसमें होटल, क्लब, शराब की दुकानों, बार और अन्य सार्वजनिक स्थलों की मौके पर निगरानी की जाएगी. इसके साथ ही गुप्त निगरानी दल भी सक्रिय रहेंगे, जो किसी भी गुप्त रूप से शराब की आपूर्ति या वितरण की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करेंगे.
मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना लक्ष्य
इस चुनावी निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह है कि मतदान के दिन मतदाता बिना किसी बाहरी प्रभाव या दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग करें. चुनाव आयोग का मानना है कि शराब जैसी वस्तुओं का वितरण मतदाताओं को प्रभावित करने का बड़ा जरिया बनता है. इसलिए यह प्रतिबंध आवश्यक है. शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जरूरी है कि मतदाता पूरी सतर्कता और स्वतंत्रता से मतदान करें. जिसे यह निर्णय प्रोत्साहित करता है.
ड्राई डे का उल्लंघन करने पर ये होंगी सज़ाएं
ड्राई डे के दौरान शराब बेचने या परोसने वाले विक्रेताओं, बार मालिकों और लाइसेंसधारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके तहत लाइसेंस रद्द किया जा सकता है. भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है भविष्य में लाइसेंस न मिलने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं
क्या है ड्राई डे की कानूनी वैधता?
ड्राई डे यानी शराब बिक्री और उपभोग पर अस्थायी प्रतिबंध, भारत के आबकारी कानूनों के तहत वैध है. चुनाव जैसे संवेदनशील मौकों पर यह राज्य सरकार और चुनाव आयोग को अधिकार देता है कि वे समाज में शांति और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसा आदेश जारी कर सकें. हरियाणा सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने इसी कानूनी आधार पर सिरसा जिले के लिए यह ड्राई डे घोषित किया है.
चुनावी पारदर्शिता के लिए अहम कदम
यह फैसला न सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास है. बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को स्वच्छ और निष्पक्ष बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है. इससे यह स्पष्ट संकेत जाता है कि सरकार और आयोग मतदाता हित को सबसे ऊपर रखकर काम कर रहे हैं.