Schools Reopen In Bihar: लंबी गर्मी की छुट्टी के बाद सोमवार को सरकारी और कुछ निजी स्कूल फिर से खुल गए. स्कूलों में छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. खासतौर पर नन्हें बच्चों के लिए यह दिन बेहद खास रहा. जब उन्हें तिलक लगाकर और चॉकलेट देकर क्लास में वेलकम किया गया.
टॉफी और चॉकलेट के साथ छात्रों का स्वागत
राजकीयकृत आदर्श मध्य विद्यालय सरैयागंज में शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. शिक्षिका रम्भा कुमारी, शिक्षक सुबोध कुमार रजक, संजीव कुमार, स्मृति, दीपक कुमार झा और पुष्पांजलि प्रिया ने बच्चों को टॉफी और चॉकलेट देकर मुस्कान से स्वागत किया.
छात्रों से पूछे गए गर्मी की छुट्टियों के अनुभव
पहले दिन छात्रों से गर्मी की छुट्टी के अनुभव साझा करने को कहा गया. कई छात्रों ने बताया कि इस बार छुट्टी में उन्हें असाइनमेंट दिया गया था. जिसे बनाते समय उन्हें काफी मजा आया. इससे बच्चों की छुट्टी भी रचनात्मक रही और पढ़ाई से जुड़ाव भी बना रहा.
गृह कार्य पूरा होने पर शिक्षकों ने जताई खुशी
प्रधानाध्यापक ने छात्रों से गर्मी की छुट्टी में दिए गए गृह कार्य की जानकारी ली. छात्रों ने खुशी-खुशी बताया कि उन्होंने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है. इस पर प्रधानाध्यापक ने ताली बजाकर छात्रों की प्रशंसा की और उन्हें लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया.
स्कूल खुलते ही शुरू हुई त्रैमासिक परीक्षा
गर्मी की छुट्टी के बाद जैसे ही स्कूल खुले, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों की त्रैमासिक परीक्षा भी शुरू हो गई. परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई. जिससे छात्रों को समयानुसार प्रश्न पत्र हल करने का अवसर मिला.
एक सप्ताह तक चलेगा स्वागत कार्यक्रम
शिक्षा विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई कि गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूलों में छात्रों का स्वागत कार्यक्रम सात दिनों तक जारी रहेगा. इस दौरान छात्रों को स्कूल से फिर जुड़ने का बेहतर माहौल दिया जाएगा और उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा.
विश्वविद्यालय और पीजी विभागों में भी लौटी चहल-पहल
बीआरएबीयू के कॉलेजों और पीजी विभागों में भी सोमवार को कक्षाएं शुरू हो गईं. करीब एक महीने बाद फिर से नियमित कक्षाएं शुरू होने से कॉलेज परिसरों में चहल-पहल लौट आई. छात्रों की उपस्थिति ने परिसर को फिर से जीवंत बना दिया.
पढ़ाई के लिए तैयार हुए छात्र
छात्रों में भी नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला. एक ओर जहां छोटे बच्चों ने हंसी-खुशी स्कूल में कदम रखा. वहीं बड़े छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे नजर आए. छुट्टियों के बाद यह शुरुआत नए जोश और नए लक्ष्य के साथ हुई.
शिक्षा विभाग की पहल सराहनीय
गर्मी की छुट्टियों के बाद बच्चों को पढ़ाई की ओर सहजता से लौटाने के लिए शिक्षा विभाग की यह पहल सराहना के योग्य है. सात दिनों तक स्वागत कार्यक्रम, शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक माहौल छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई को आसान बना सकता है.