Hotel New Guidelines: रेवाड़ी जिले में पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के आदेशानुसार होटल और गेस्ट हाउसों पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य अपराधों पर समय रहते अंकुश लगाना और होटलों के जरिए किसी आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने से रोकना है.
डीएसपी ने की होटल संचालकों के साथ विशेष बैठक
डीएसपी मुख्यालय डॉ. रविंद्र सिंह ने जिला सचिवालय के सभागार में 35 से अधिक होटल और गेस्ट हाउस संचालकों के साथ बैठक की. इस बैठक में होटल प्रबंधन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए.
बिना पहचान पत्र के किसी को न दें कमरा
डीएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी होटल या गेस्ट हाउस बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को ठहरने की अनुमति न दे. सभी आगंतुकों से कम से कम दो पहचान पत्र लेना अनिवार्य किया गया है. इसके साथ ही रजिस्टर में नाम, पता और मोबाइल नंबर का पूरा विवरण दर्ज करना होगा.
संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत दें पुलिस को
अगर कोई संदिग्ध गतिविधि में लिप्त या असामान्य व्यवहार करने वाला व्यक्ति ठहरता है, तो उसकी जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी जाए. ताकि संभावित अपराध को समय रहते रोका जा सके.
कर्मचारियों का अनिवार्य वेरिफिकेशन जरूरी
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि होटल व गेस्ट हाउस में काम करने वाले सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए. इससे अंदरूनी सुरक्षा चूक से बचाव होगा.
सात साल तक सुरक्षित रखें सभी रिकॉर्ड
प्रशासन ने सभी संचालकों को निर्देशित किया कि होटल में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकॉर्ड कम से कम सात वर्षों तक सुरक्षित रखा जाए. यह रिकॉर्ड जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में काम आ सकता है.
होटल पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
डीएसपी ने निर्देश दिया कि सभी होटल और गेस्ट हाउस अपना ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल पर कराएं और जो भी व्यक्ति ठहरे, उसका ऑनलाइन इंद्राज (एंट्री) सुनिश्चित करें. इससे पुलिस को रीयल-टाइम डाटा मिल सकेगा.
CCTV कैमरों की अनिवार्यता और रिकॉर्डिंग अवधि
सभी होटलों और गेस्ट हाउसों के मुख्य प्रवेश द्वार और परिसर में CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं. इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 90 दिन या उससे अधिक की अवधि तक संरक्षित रहनी चाहिए. ताकि जरूरत पड़ने पर फुटेज मिल सके.
अग्निशमन व्यवस्था रखें दुरुस्त
बैठक में यह भी कहा गया कि अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंगुइशर) अच्छी स्थिति में और चालू हालत में होने चाहिए. रसोई घर में गैस सिलेंडर को एक साथ एक जगह पर न रखें, और फायर एनओसी अनिवार्य रूप से लें.
वाहनों की पार्किंग व्यवस्था हो व्यवस्थित
होटल में आने-जाने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था उचित तरीके से सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई अव्यवस्था न फैले और यातायात बाधित न हो.
नाबालिगों को अकेले न दें रूम
किसी भी नाबालिग व्यक्ति को, बिना अभिभावक या संरक्षक की अनुमति के कमरे में ठहरने की अनुमति न दी जाए. यह निर्देश बच्चों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है.
मकान किराए पर देने से पहले भी जरूरी है सावधानी
डीएसपी ने आम नागरिकों से भी अपील की कि कोई भी अपना मकान किराए पर देने से पहले किरायेदार का पूर्ण वेरिफिकेशन करवाएं. इससे असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकेगी.
सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार रहेगी नजर
पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि होटलों और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर जांच की जाती रहेगी. यदि कोई भी होटल इन दिशा-निर्देशों की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
संचालकों की भागीदारी से मिलेगा बेहतर परिणाम
पुलिस का मानना है कि संचालकों की सक्रिय भागीदारी से ही जिले को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाया जा सकता है. बैठक के अंत में सभी संचालकों ने पुलिस का समर्थन करने और नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया.