RBI New KYC Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब बैंक ग्राहक को केवाईसी अपडेट कराने के लिए सिर्फ अपनी होम ब्रांच पर ही निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. ग्राहक किसी भी नजदीकी शाखा में जाकर या वीडियो कॉल के माध्यम से KYC प्रोसेस को पूरा कर सकते हैं.
वीडियो कॉल के जरिए भी संभव होगा KYC
RBI ने नई व्यवस्था के तहत वीडियो-कस्टमर आइडेंटिफिकेशन प्रोसेस (V-CIP) को मान्यता दी है. इसके तहत ग्राहक घर बैठे वीडियो कॉल के जरिए KYC पूरा कर सकते हैं. यह सुविधा वरिष्ठ नागरिकों, एनआरआई और दूरदराज़ इलाकों में रहने वाले ग्राहकों के लिए बेहद उपयोगी है, जिन्हें शाखा तक पहुंचने में कठिनाई होती है.
बिना अपडेटेड KYC भी मिलेगा लेन-देन का अधिकार
RBI के नए निर्देशों के अनुसार, कम जोखिम वाले ग्राहकों को KYC अपडेट न होने के बावजूद बैंकिंग सुविधाएं मिलती रहेंगी. बैंकों को ऐसे ग्राहकों के साथ लेन-देन की अनुमति देनी होगी, भले ही उनका KYC अपडेट पेंडिंग हो. इन ग्राहकों को अपना केवाईसी 30 जून 2026 तक अपडेट कराना होगा.
बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट को मिला KYC अपडेट का अधिकार
RBI ने बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (Banking Correspondents) को भी अब KYC अपडेट करने की अनुमति दे दी है. बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट वे लोग या संस्थाएं होती हैं जो बैंक की ओर से ग्राहकों को सेवाएं देती हैं. इनमें एनजीओ, स्वयं सहायता समूह (SHG), माइक्रो फाइनेंस संस्थान (MFI) आदि शामिल हैं. यहां तक कि आपकी स्थानीय किराना दुकान भी बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट बन सकती है, यदि उसे संबंधित बैंक की स्वीकृति प्राप्त हो.
ग्राहकों को KYC अपडेट की सूचना देना जरूरी
RBI ने बैंकों को यह भी निर्देश दिया है कि वे अपने ग्राहकों को KYC अपडेट की समयसीमा और प्रक्रिया के बारे में सूचना अवश्य दें. बैंकों को ग्राहकों को कम से कम एक बार डाक पत्र भेजना अनिवार्य होगा, साथ ही तीन बार अग्रिम सूचना देना भी जरूरी होगा, ताकि ग्राहक समय पर अपना KYC पूरा कर सकें.
बीमा बिक्री में भी कसेगा शिकंजा
RBI ने बैंकों को चेतावनी दी है कि बीमा उत्पादों की गलत बिक्री को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि किसी बैंक द्वारा जबरदस्ती या भ्रामक तरीके से ग्राहकों को बीमा बेचा गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यह निर्देश ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
ग्रामीण और डिजिटल भारत को मिलेगी नई ऊर्जा
RBI का यह फैसला खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों, डिजिटल भारत अभियान, और वंचित वर्गों के लिए लाभकारी है. इससे बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और बंद पड़े अकाउंट्स व इनएक्टिव डिपॉजिट्स को दोबारा चालू करने में सुविधा होगी. साथ ही बैंकिंग प्रणाली में विश्वास भी मजबूत होगा.