Best Hill Station: उत्तराखंड अपने हरे-भरे पहाड़ों, शांत वातावरण और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनियाभर में मशहूर है. यहां कई ऐसे हिल स्टेशन हैं जो सालभर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. इन्हीं में से एक है नैनीताल के पास स्थित रामगढ़, जो गर्मियों में भी दिसंबर जैसी ठंडक का अहसास कराता है.
क्यों कहा जाता है रामगढ़ को ‘फलों की टोकरी’?
रामगढ़ की जलवायु और मिट्टी फलों की खेती के लिए बेहद अनुकूल है. यहां सेब, आड़ू, खुमानी और काफल जैसे फल बड़ी मात्रा में उगाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे ‘फलों की टोकरी’ के नाम से जाना जाता है. खासकर काफल जो उत्तराखंड में ही मिलता है. यहां का प्रमुख आकर्षण है. गर्मियों के मौसम में यहां के बागान रंग-बिरंगे फलों से सज जाते हैं.
शांत और सुरम्य वादियों का अनुभव
रामगढ़ एक ऐसा हिल स्टेशन है. जहां आपको शांति, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. यहां की शुद्ध हवा और ठंडी जलवायु पर्यटकों को गर्मी के मौसम में भी सुकून देती है. भीड़-भाड़ से दूर यह जगह मानसिक शांति और प्रकृति से जुड़ाव का बेहतरीन मौका देती है.
शहर की हलचल से दूर एक अलग दुनिया
रामगढ़ की सबसे खास बात है कि यह आज भी भीड़ से दूर, शांत और साफ-सुथरा है. यहां के पुराने बागान, पहाड़ों के बीच बसे छोटे-छोटे घर, और धीमी गति से चलती जिंदगी एक अलग ही अनुभव देती है. यही कारण है कि यह जगह ट्रैवल लवर्स और नेचर सीकर्स के लिए आदर्श बन चुकी है.
रविंद्रनाथ टैगोर की प्रेरणास्थली रहा है रामगढ़
रामगढ़ का एक खास ऐतिहासिक पक्ष भी है. महान कवि रविंद्रनाथ टैगोर भी इस जगह की खूबसूरती से इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने यहां ‘गीतांजलि’ के कुछ अंश लिखे थे. यह तथ्य रामगढ़ को और भी खास बना देता है, खासकर साहित्य प्रेमियों के लिए.
रामगढ़ कैसे पहुंचें?
रामगढ़, नैनीताल से लगभग 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां पहुंचने के लिए आपको पहले नैनीताल के पास भवाली आना होगा. भवाली से आप शेयरिंग टैक्सी या अपने निजी वाहन से मुक्तेश्वर रोड के रास्ते रामगढ़ तक पहुंच सकते हैं. रास्ता सुंदर वादियों और हरे-भरे पहाड़ों से होकर गुजरता है, जो यात्रा को और भी यादगार बना देता है.
क्यों चुनें रामगढ़ इस गर्मी में?
अगर आप गर्मी से परेशान हैं और किसी शांत, प्राकृतिक और कम भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशन की तलाश में हैं, तो रामगढ़ आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है. यहां की ठंडी फिजा, फलों से लदे बागान और कविताओं सी सुंदरता आपको विदेशी टूर को भूलने पर मजबूर कर देगी.