World Class Railway Stations: राजस्थान के रेल यात्रियों को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाले सात प्रमुख रेलवे स्टेशनों का वर्ल्ड क्लास पुनर्विकास कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन के बाद यात्री इन नई सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे.
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहा है पुनर्विकास
उत्तर पश्चिम रेलवे ज़ोन में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत गांधीनगर जयपुर, नरेना, बाड़मेर, दौसा, खैरथल, सुजानगढ़ और जैसलमेर रेलवे स्टेशनों को दुनियाभर के आधुनिकतम स्टेशनों की तरह विकसित किया जा रहा है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन स्टेशनों का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है.
दिसंबर तक हो सकता है उद्घाटन, पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण
रेलवे के सूत्रों का कहना है कि इन स्टेशनों का उद्घाटन दिसंबर 2025 तक किया जा सकता है. संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन स्टेशनों का एक साथ लोकार्पण करेंगे. इन पुनर्विकसित स्टेशनों से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राजस्थान का पर्यटन और व्यापार भी नया विस्तार पाएगा.
जैसलमेर स्टेशन का कार्य लगभग पूरा
जैसलमेर रेलवे स्टेशन का री-डेवलपमेंट कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वहीं गांधीनगर जयपुर स्टेशन का कार्य भी अगले दो महीनों में समाप्त होने की उम्मीद है. बाकी स्टेशनों पर भी तेजी से काम चल रहा है ताकि तय समय सीमा के भीतर निर्माण पूर्ण हो सके.

जयपुर जंक्शन की सेकंड एंट्री जल्द होगी शुरू
जयपुर जंक्शन, जो उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है, उसका पुनर्विकास कार्य वर्ष 2026 के अंत तक पूरा होने की संभावना है. लेकिन इससे पहले ही हसनपुरा सेकंड एंट्री को आम यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा. इस प्रवेश द्वार को आधुनिक और भव्य रूप में तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों को आवागमन में राहत मिलेगी.
यात्रियों को मिलेंगी ये अत्याधुनिक सुविधाएं
अमृत भारत योजना के तहत विकसित किए जा रहे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं इस प्रकार होंगी:
- नए और चौड़े प्रवेश एवं निकास द्वार
- बड़ी पार्किंग सुविधा
- एसी वेटिंग एरिया और आधुनिक प्रतीक्षालय
- फूड कोर्ट और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड
- रेलवे ओवरब्रिज और लिफ्ट-एस्केलेटर की सुविधा
- भव्य स्टेशन भवन और सौंदर्यीकरण
इन सुविधाओं के आने से यात्रियों को स्टेशन पर ठहरने का अनुभव और भी आरामदायक और सुविधाजनक हो जाएगा.
दो गुना तक बढ़ेंगी सुविधाएं
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पुनर्विकास के बाद यात्री सुविधाएं लगभग दो गुना बढ़ जाएंगी. इससे रेलवे स्टेशन केवल यात्रा का स्थान न रहकर एक आधुनिक टर्मिनल का अनुभव देंगे, जो एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस होंगे.
क्यों है यह परियोजना महत्वपूर्ण?
- राजस्थान के पर्यटन स्थलों तक आसान पहुंच – जैसे जैसलमेर, जयपुर, बाड़मेर आदि.
- विकासशील जिलों को मिलेगा बूस्ट – री-डेवलपमेंट से नरेना, खैरथल, सुजानगढ़ जैसे स्टेशनों की पहचान बढ़ेगी.
- ट्रेन परिचालन में तेजी – नए प्लेटफॉर्म्स और ओवरब्रिज से ट्रेन मूवमेंट भी आसान होगा.
- स्वच्छता और स्मार्ट सुविधाएं – स्टेशन पर सफाई और डिजिटल सुविधाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.
आने वाले समय में बढ़ेगा ट्रैफिक, रेलवे तैयार
रेलवे विभाग को उम्मीद है कि इन स्टेशनों के विकसित हो जाने के बाद यहां पर ट्रेनों की संख्या में भी इजाफा होगा. इसके लिए पहले से ही इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जा रहा है. ताकि किसी भी प्रकार का दबाव स्टेशन संचालन पर न पड़े.
पीएम मोदी के विजन को मिल रहा आकार
यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यू इंडिया, न्यू रेलवे’ विजन का हिस्सा है. जिसमें देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर लाने की योजना शामिल है. इस योजना के तहत न केवल स्टेशन का विकास हो रहा है. बल्कि पूरे रेलवे यात्रा अनुभव को भी ट्रांसफॉर्म किया जा रहा है.