Rajasthan Monsoon Alert: राजस्थान में बीते कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. पूर्वी जिलों में भारी जलभराव की स्थिति बन चुकी है और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात हैं. मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है.
पूर्वी राजस्थान में बारिश का रौद्र रूप
पूर्वी राजस्थान में मानसून ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. कोटा, सवाई माधोपुर, करौली, झालावाड़ और बारां जैसे जिलों में तेज बारिश और जलभराव ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं. सड़कों पर पानी भरने, ट्रैफिक जाम और बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं.
इन जिलों के लिए जारी किया गया नया अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) जयपुर ने 26 से 29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. यह चेतावनी बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, पाली, सिरोही, फलोदी और बालोतरा जिलों के लिए जारी की गई है. इन जिलों में मूसलाधार बारिश और नदियों-नालों में जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है.
ट्रफ लाइन बनी भारी बारिश का कारण
मौसम विभाग ने बताया है कि मानसून की ट्रफ लाइन इस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य राजस्थान से होकर गुजर रही है. इसी वजह से पूर्वी राजस्थान में लगातार वर्षा हो रही है. विभाग ने कहा कि अगले एक सप्ताह तक पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश जारी रह सकती है.
पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून की दस्तक तय
अब तक पूर्वी राजस्थान में सक्रिय मानसून जल्द ही पश्चिमी राजस्थान में भी अपनी पकड़ मजबूत करेगा. 26 जून से बीकानेर और जोधपुर संभागों में मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है. जिससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम?
पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान के जिलों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा दर्ज की गई है. बारां, कोटा, सवाई माधोपुर, करौली और झालावाड़ जिलों में भारी जलभराव की स्थिति सामने आई है. वहीं पश्चिमी राजस्थान में अभी तक केवल हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है.
श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा गर्मी, सिरोही में सबसे कम तापमान
जहां एक ओर बारिश ने लोगों को राहत दी. वहीं कुछ जिलों में अब भी तापमान में गिरावट देखने को नहीं मिली. श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा. इसके विपरीत सिरोही में न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा.
सावधान रहें, संभलकर चलें
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान सतर्क रहें. जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें, कमजोर बिजली लाइनों और पेड़ों के पास खड़े न हों. किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करें, ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे.
राजस्थान में आगे क्या?
अगर मौसम विभाग के पूर्वानुमान सटीक रहे, तो अगले एक सप्ताह राजस्थान के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. खासकर वे इलाके जो पहले से बारिश से प्रभावित हैं. वहां स्थिति और गंभीर हो सकती है. प्रशासन भी रेस्क्यू टीमें तैयार रखने और जलभराव वाले इलाकों में नजर बनाए रखने के निर्देश दे चुका है.