E-Certificate System: अब राजस्थान के नागरिकों को जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. सरकार ने एक नई ऑनलाइन सुविधा शुरू की है जिसके तहत इन प्रमाण पत्रों की पीडीएफ कॉपी सीधे मोबाइल पर उपलब्ध कराई जाएगी. यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क है और इसमें प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया काफी तेज और पारदर्शी हो गई है.
अब सिर्फ पंजीयन के लिए जाना होगा दफ्तर
नई प्रणाली के तहत नागरिकों को केवल पंजीयन के लिए उप-रजिस्ट्रार कार्यालय जाना होगा. पंजीयन के समय जो मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड किया जाएगा, उस पर एक लिंक भेजा जाएगा. जिससे प्रमाण पत्र को डाउनलोड किया जा सकेगा.
मोबाइल पर लिंक और पीडीएफ, सब कुछ घर बैठे
नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने इस नई प्रणाली का तकनीकी ढांचा तैयार किया है और प्रमाण पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार फॉर्म भरने के 12 से 15 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र उस मोबाइल नंबर पर लिंक के माध्यम से भेज दिया जाएगा.
शुक्रवार को जारी हुए 12,000 से अधिक प्रमाण पत्र
राज्य भर में शुक्रवार को ही 12,000 से अधिक प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से भेजे गए. इनमें लगभग 8,000 जन्म प्रमाण पत्र, 2,000 मृत्यु प्रमाण पत्र और 1,800 विवाह प्रमाण पत्र शामिल हैं. यह स्पष्ट संकेत है कि व्यवस्था अब सक्रिय और कार्यशील है.
पूरे राज्य में 15,000 पंजीयन केंद्र
राजस्थान में लगभग 15,000 पंजीयन केंद्र संचालित हैं. जहां से लोग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं. इससे न केवल शहरी क्षेत्रों में बल्कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में भी लोग आसानी से इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे.
प्रमाण पत्र बनवाने में लगते थे इतने पैसे
जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति के लिए ₹50 खर्च करना पड़ता था.
विवाह प्रमाण पत्र के लिए ₹110 से ₹200 तक देने पड़ते थे.
अब यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क कर दी गई है.
इससे राज्य के लाखों नागरिकों को आर्थिक लाभ भी होगा और अनावश्यक खर्च से राहत मिलेगी.
व्हाट्सऐप नंबर देना जरूरी
एनआईसी के तकनीकी निदेशक अमित अग्रवाल ने बताया कि यह सुविधा देश में पहली बार राजस्थान में लागू की गई है. उन्होंने कहा “लोगों को फॉर्म भरते समय उस मोबाइल नंबर को जरूर लिखना चाहिए. जिस पर वे व्हाट्सऐप चलाते हैं. इससे लिंक सीधे उसी नंबर पर भेजा जाएगा.”
पहले क्या थी स्थिति?
अब तक की प्रक्रिया में लोगों को शहरी निकायों में कुछ घंटों और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 दिन तक इंतजार करना पड़ता था. कई बार तो बाबू ही नहीं मिलते थे. जिससे लोगों को दिनभर सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटने पड़ते थे. अब यह समस्या खत्म हो जाएगी.
कैसे करें आवेदन?
इस नई व्यवस्था के तहत प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया काफी सरल कर दी गई है:
- निकटतम उप-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर आवेदन फॉर्म भरें.
- फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें (जिस पर व्हाट्सऐप हो).
- फॉर्म जमा करने के साथ ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
- डिजिटल हस्ताक्षर सहित एक लिंक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा.
- इस लिंक को खोलकर प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं.
तकनीक से पारदर्शिता और सुविधा
यह डिजिटल पहल न केवल समय की बचत करेगी. बल्कि सरकारी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ाएगी. लोगों को अब न तो एजेंट की जरूरत पड़ेगी, न ही अधिकारियों के आगे-पीछे भागना होगा. यह स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.