Punjab Rain Forecast: पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते बुधवार सुबह कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई. हालांकि बारिश के बाद मौसम ने करवट बदली और दिन चढ़ते ही तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया.
सुबह के तीन घंटे में कई जिलों में दर्ज हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह 4 बजे से 7 बजे के बीच प्रदेश के प्रमुख जिलों में बारिश हुई.
- लुधियाना में 4.4 मिमी
- पटियाला में 3.4 मिमी
- चंडीगढ़ में 4.6 मिमी
- रोपड़ में 8.0 मिमी
- होशियारपुर में 1.0 मिमी
- एसबीएस नगर में 1.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई.
इन जिलों में सुबह हल्की बारिश के बाद आसमान साफ हो गया और 8 बजे के बाद से तेज धूप निकल आई, जिससे मौसम में उमस बढ़ गई.
उमस ने बढ़ाई परेशानी, नमी का स्तर रहा काफी अधिक
सुबह के समय हवा में 92% तक नमी दर्ज की गई. जबकि शाम होते-होते यह घटकर 72% पर आ गई.
अधिकतम तापमान की बात करें तो:
- एसबीएस नगर में 31.8 डिग्री सेल्सियस
- रूपनगर में 32.7 डिग्री सेल्सियस
- लुधियाना, होशियारपुर, जालंधर और मोगा में 34 डिग्री
- पटियाला और मोहाली में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
अगले तीन दिन तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है कि 18 से 20 जून तक पंजाब के कई इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है.
21 से 23 जून भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विभाग का अलर्ट है कि 21 से 23 जून के बीच पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है.
- ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है.
- हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है.
इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने. खुले स्थानों पर जाने से बचने और प्रशासनिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.
किसानों और यात्रियों को दी गई विशेष सलाह
कृषि से जुड़े विशेषज्ञों ने किसानों को सुझाव दिया है कि वे फसलों को बचाने के लिए आवश्यक इंतजाम करें, खासकर उन क्षेत्रों में जहां ओलावृष्टि का खतरा है. वहीं यात्रियों को भी इस अवधि में यात्रा करने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखने की सलाह दी गई है.
मानसून से पहले मौसम की सक्रियता
मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम प्रणाली पंजाब में सक्रिय हो चुकी है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते बेमौसम बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है. इससे आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियों पर भी असर पड़ा है.