New Orders For Schools: पंजाब सरकार ने राज्य के सभी निजी प्री-प्राइमरी विंग और प्ले वे स्कूलों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है. यह फैसला राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लिया गया है, जिसका उद्देश्य 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सुरक्षित और समग्र विकास आधारित शैक्षणिक माहौल देना है.
1 जनवरी से लागू हुई नई अधिसूचना
इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) गुलबहार सिंह तूर ने जानकारी दी कि पंजाब सरकार द्वारा 1 जनवरी को एक अधिसूचना जारी की गई है. इसके तहत अब राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों, खासकर प्री-प्राइमरी और प्ले वे स्कूलों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है.
ECCE नीति के तहत अनिवार्य हुआ पंजीकरण
अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE) नीति के अंतर्गत कार्य कर रहे सभी निजी प्ले वे स्कूलों को बाल विकास विभाग के पास पंजीकृत कराना होगा. विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. इच्छुक संस्थाएं अपने ब्लॉक के बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) या जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क कर आवेदन कर सकती हैं.
फॉर्म नंबर-1 भरना होगा जरूरी
DPO गुलबहार सिंह तूर ने बताया कि पंजीकरण के लिए फॉर्म नंबर-1 भरना अनिवार्य होगा, जो संबंधित कार्यालयों से प्राप्त किया जा सकता है. बिना रजिस्ट्रेशन के काम कर रहे स्कूलों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
अमान्य संस्थानों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिन शिक्षण संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा या वे ECCE नीति के मानकों का पालन नहीं करेंगी. उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी स्कूलों का समय-समय पर औचक निरीक्षण भी करेंगे.
बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता होगी सुनिश्चित
सरकार का मानना है कि यह कदम नन्हे बच्चों के समग्र विकास, सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा. प्ले वे और प्री-प्राइमरी स्कूलों की रजिस्ट्री से शिक्षा के स्तर में एकरूपता आएगी और बच्चों को बेहतर सीखने का माहौल मिलेगा.