Mock Drill: पहलगाम अटैक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए. भारत सरकार ने 7 मई को मॉक ड्रिल (आपदा अभ्यास) आयोजित करने का निर्णय लिया है. इस अभ्यास का उद्देश्य है कि नागरिकों को आपात स्थिति में सुरक्षित रहने और प्रतिक्रिया देने की ट्रेनिंग दी जा सके.
सायरन बजते ही सतर्क हो जाएं
इस मॉक ड्रिल के दौरान अचानक हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजेंगे. यदि आप दफ्तर, स्कूल, बाजार या सड़क पर हैं, तो आपको तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की कोशिश करनी होगी. यह अभ्यास इसलिए किया जा रहा है ताकि वास्तविक स्थिति में किसी को घबराहट न हो और सही निर्णय लिया जा सके.
ब्लैकआउट और बमबारी से बचने की रणनीति सिखाई जाएगी
मॉक ड्रिल में ब्लैकआउट (पूरे क्षेत्र में अंधेरा कर देना) की प्रक्रिया भी शामिल होगी ताकि युद्ध जैसी स्थिति में दुश्मन को स्थानों की पहचान न हो सके. साथ ही स्कूलों, मोहल्लों और दफ्तरों में लोगों को सिखाया जाएगा कि बमबारी से कैसे बचा जाए.
किन-किन जिलों में होगी ड्रिल? यहां देखें पूरी लिस्ट
7 मई को पंजाब के जिन जिलों में मॉक ड्रिल होगी, वे इस प्रकार हैं:
अमृतसर, बठिंडा, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, पठानकोट, आदमपुर, बरनाला, भाखड़ा-नंगल, हलवारा, कोटकपुरा, बटाला, मोहाली (एस.ए.एस नगर), अबोहर, फरीदकोट, रोपड़, संगरूर और चंडीगढ़. इन सभी क्षेत्रों में सायरन बजाए जाएंगे, ब्लैकआउट किया जाएगा और लोगों को आपात योजनाओं की जानकारी दी जाएगी.
प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं. बल्कि सरकारी निर्देशों का पालन करें और सहयोग करें. यह अभ्यास पूरी तरह नियोजित और सुरक्षित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा.
ड्रिल के मुख्य चरण: जानें क्या-क्या होगा अभ्यास में
- सायरन बजाकर हवाई हमले की चेतावनी दी जाएगी.
- लोगों को सिखाया जाएगा कि बमबारी से कैसे बचें.
- ब्लैकआउट का अभ्यास किया जाएगा ताकि दुश्मन लक्ष्य न भांप सके.
- महत्वपूर्ण संस्थानों को छिपाने की रणनीतियां बताई जाएंगी.
- आपातकाल में बाहर निकलने (निकासी) की योजना पर अभ्यास होगा.