Land Record Alert System: पंजाब सरकार ने ज़मीन से जुड़ी धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ी डिजिटल पहल की है. राज्य में अब कोई भी व्यक्ति अपनी ज़मीन के रिकॉर्ड में किसी भी तरह का बदलाव होते ही मोबाइल या ईमेल पर अलर्ट प्राप्त कर सकेगा. मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संयुक्त रूप से ‘ईज़ी जमाबंदी’ पोर्टल की शुरुआत करते हुए इसे आम जनता के लिए एक भ्रष्टाचार-मुक्त और पारदर्शी प्लेटफॉर्म बताया है.
अब छुपकर नहीं बदला जा सकेगा ज़मीन का रिकॉर्ड
इस नई प्रणाली के तहत यदि किसी व्यक्ति की ज़मीन के रिकॉर्ड में कोई बदलाव होता है, तो उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर या ईमेल पर तुरंत सूचना भेजी जाएगी. इससे कोई भी व्यक्ति अपने खेवट (जमाबंदी नंबर) पर निगरानी रख सकता है और समय पर कार्रवाई कर सकता है.
सिर्फ 500 रुपये में सालभर की सुरक्षा सुविधा
वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग वर्मा, जो वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव व वित्त आयुक्त (राजस्व विभाग) हैं, उन्होंने बताया कि इस सुविधा के लिए सिर्फ 500 रुपये का वार्षिक शुल्क लिया जाएगा. इसके बाद व्यक्ति अपनी जमीन को पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है और जैसे ही उसमें कोई बदलाव होगा. व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से उसे जानकारी मिल जाएगी.
NRI ज़मीन मालिकों के लिए विशेष सुविधा
यह प्रणाली विदेशों में बसे पंजाबियों (NRIs) के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जा रही है. अक्सर देखा गया है कि NRIs की ज़मीनों पर स्थानीय स्तर पर कब्जा या रिकॉर्ड में बदलाव कर दिए जाते हैं. लेकिन अब इस डिजिटल सिस्टम के जरिए बिना भारत आए भी वे अपनी संपत्ति की निगरानी कर सकते हैं.
रिकॉर्ड में बदलाव हो तो तुरंत करें ऑनलाइन आपत्ति
अगर किसी ज़मीन मालिक को लगता है कि बिना उसकी जानकारी के रिकॉर्ड में कोई छेड़छाड़ की गई है, तो वह ऑनलाइन ही आपत्ति दर्ज करा सकता है. यह आपत्ति सीधे राजस्व अधिकारी के पास पहुंचेगी. जिससे कार्रवाई जल्दी और पारदर्शी ढंग से हो सकेगी.
रजिस्ट्री प्रक्रिया में भी लाया गया बड़ा सुधार
सरकार अब रजिस्ट्री प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बना रही है.
- सरकार एक ड्राफ्ट पेपर प्रदान करेगी. जिस पर विक्रेता और खरीदार खुद रजिस्ट्री लिख सकेंगे.
- कोई भी रजिस्ट्री अब किसी भी नजदीकी तहसील में करवाई जा सकेगी. जिससे लोगों को जगह-जगह भटकना न पड़े.
इससे न केवल प्रक्रिया आसान होगी. बल्कि बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी.
काम करने वाले तहसीलदारों को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार ने साफ किया है कि जिन तहसीलों में ज्यादा रजिस्ट्रियां होंगी. वहां के तहसीलदारों की कार्यप्रणाली को बेहतर माना जाएगा. वहीं, जिन स्थानों पर रजिस्ट्रियां कम होंगी. वहां की कार्यशैली पर सवाल खड़े होंगे और जांच की जाएगी कि आखिर लोग वहां क्यों नहीं जा रहे.
जनता के लिए बड़ी सुविधा, प्रशासन की जवाबदेही बढ़ेगी
इस योजना से न सिर्फ ज़मीन मालिकों को समय पर जानकारी मिलेगी. बल्कि प्रशासन पर जवाबदेही और पारदर्शिता का दबाव भी रहेगा. इससे राजस्व विभाग में सुधार की उम्मीद की जा रही है और आम जनता को भरोसेमंद सेवाएं मिल सकेंगी.