Onion Price Today: देश की प्रमुख मंडियों में प्याज की कीमतों में हाल ही में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जहां लोकल मार्केट में प्याज अभी 40 रुपये प्रति किलो तक मिल रहा है, वहीं थोक मंडियों में दाम तेजी से गिर रहे हैं। व्यापारियों और किसानों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतें और गिर सकती हैं। क्योंकि मंडियों में लगातार कम कीमत की खेप आ रही है।
नासिक मंडी में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक गिरा प्याज
महाराष्ट्र के नासिक जिले की मंडी में प्याज का न्यूनतम भाव केवल 200 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है। जबकि मॉडल रेट 950 रुपये रहा। यह दरें किसानों की लागत से भी कम हैं। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।
महाराष्ट्र की अन्य मंडियों में मिला मिश्रित रुझान
महाराष्ट्र की विभिन्न मंडियों में प्याज के भाव में भारी अंतर देखने को मिला।
- सोलापुर मंडी में न्यूनतम भाव 1,500 रुपये, अधिकतम 2,300 रुपये प्रति क्विंटल
- नागपुर में 600 से 1,700 रुपये
- सांगली में 500 से 2,100 रुपये
- अन्य मंडियों जैसे सतारा, नासिक, उमराने, सताना में न्यूनतम भाव 100 से 1,000 रुपये और अधिकतम 1,675 से 2,000 रुपये दर्ज किए गए।
उत्तर प्रदेश की मंडियों में कीमतें थोड़ी बेहतर
उत्तर प्रदेश की मंडियों में प्याज के रेट महाराष्ट्र की तुलना में कुछ बेहतर नजर आए।
- नोएडा मंडी (3 जुलाई): 1,300 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल
- आनंदनगर: अधिकतम 1,800 रुपये
- अलीगढ़, अमरोहा, औरैया, आजमगढ़, बदायूं में 1,250 से 1,450 रुपये प्रति क्विंटल
मध्य प्रदेश में भी कीमतों में गिरावट
मध्य प्रदेश की मंडियों में प्याज की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
- बहुत मंडी में न्यूनतम भाव सिर्फ 102 रुपये प्रति क्विंटल
- इंदौर मंडी में अधिकतम 1,506 रुपये प्रति क्विंटल
- अन्य मंडियां जैसे भोपाल, बड़नगर, भानपुरा, गौतमपुरा में भाव 200 से 1,400 रुपये के बीच
देशभर में औसत रेट क्या चल रहा है?
देश की 2,600 से ज्यादा मंडियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्याज का औसत थोक बाजार मूल्य 1,600 रुपये प्रति क्विंटल है।
- सबसे कम भाव: मध्य प्रदेश के मालथोने मंडी में 90 रुपये
- सबसे अधिक भाव: केरल के पिरावम मंडी में 10,000 रुपये
- दक्षिण भारत की मंडियों जैसे पुडुकोट्टई, कोयंबटूर, थेनई में प्याज के दाम 2,400 से 3,500 रुपये प्रति क्विंटल
किसानों की बढ़ती चिंता
कई राज्यों के किसानों को प्याज की कीमत लागत से कम मिलने से बड़ा नुकसान हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:
- स्टॉक की अधिकता
- बारिश से बढ़ी हुई सप्लाई
- निर्यात में कमी
मंडियों में प्याज की आवक बढ़ गई है लेकिन खपत और निर्यात की गति नहीं बढ़ी है। जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।