Onion Price Today: 2 जून 2025 को देश की प्रमुख मंडियों में प्याज की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव के बाद आज कीमतों में फिर से तेजी दर्ज की गई. खासकर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और हरियाणा की मंडियों में प्याज का भाव ₹2000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है.
बाजार में बनी हलचल
प्याज की कीमतों में अचानक आई तेजी से किसानों में खुशी और ग्राहकों में चिंता देखने को मिल रही है. लगातार बढ़ती मांग और स्टॉक की कमी के चलते कई मंडियों में प्याज के भाव में 30% तक की वृद्धि दर्ज की गई है. आइए राज्यों के अनुसार मंडियों में आज के भाव विस्तार से जानते हैं.
महाराष्ट्र की मंडियों में प्याज का ताजा रेट
पुणे मंडी
- न्यूनतम मूल्य: ₹400 – ₹1100 प्रति क्विंटल
- अधिकतम मूल्य: ₹1500 – ₹1600 प्रति क्विंटल
- मॉडल रेट: ₹1000 – ₹1300 प्रति क्विंटल
औरंगाबाद मंडी
- न्यूनतम मूल्य: ₹200 प्रति क्विंटल
- अधिकतम मूल्य: ₹1000 प्रति क्विंटल
- मॉडल रेट: ₹600 प्रति क्विंटल
जलगांव मंडी
- न्यूनतम मूल्य: ₹1000 प्रति क्विंटल
- अधिकतम मूल्य: ₹1400 प्रति क्विंटल
- मॉडल रेट: ₹1200 प्रति क्विंटल
मध्यप्रदेश की मंडियों में प्याज का भाव
राजगढ़ मंडी
- पहली प्रविष्टि: ₹345 – ₹450 (मॉडल ₹450)
- दूसरी प्रविष्टि: ₹258 – ₹600 (मॉडल ₹600)
मुरैना मंडी
- न्यूनतम मूल्य: ₹400 प्रति क्विंटल
- अधिकतम मूल्य: ₹900 प्रति क्विंटल
- मॉडल रेट: ₹600 प्रति क्विंटल
धार मंडी
- न्यूनतम मूल्य: ₹150 प्रति क्विंटल
- अधिकतम मूल्य: ₹1000 प्रति क्विंटल
- मॉडल रेट: ₹150 प्रति क्विंटल
हरियाणा की मंडियों में प्याज की कीमतें
सोनीपत मंडी
- न्यूनतम मूल्य: ₹1200 प्रति क्विंटल
- अधिकतम मूल्य: ₹1600 प्रति क्विंटल
- मॉडल रेट: ₹1400 प्रति क्विंटल
कुरुक्षेत्र मंडी (करनाल)
- पहली प्रविष्टि: ₹510 – ₹900 (मॉडल ₹850)
- दूसरी प्रविष्टि: ₹850 – ₹990 (मॉडल ₹915)
गुड़गांव मंडी
- न्यूनतम मूल्य: ₹800 प्रति क्विंटल
- अधिकतम मूल्य: ₹1200 प्रति क्विंटल
- मॉडल रेट: ₹1000 प्रति क्विंटल
रेवाड़ी मंडी
- न्यूनतम मूल्य: ₹1000 प्रति क्विंटल
- अधिकतम मूल्य: ₹1400 प्रति क्विंटल
- मॉडल रेट: ₹1200 प्रति क्विंटल
हिसार मंडी
- न्यूनतम मूल्य: ₹1000 प्रति क्विंटल
- अधिकतम मूल्य: ₹2000 प्रति क्विंटल
- मॉडल रेट: ₹1500 प्रति क्विंटल
प्याज की बढ़ती कीमतों के पीछे कारण
प्याज की कीमतों में उछाल का सबसे बड़ा कारण है मांग में तेजी और मंडियों में स्टॉक की सीमित उपलब्धता. किसान प्याज की स्टॉकिंग कर रहे हैं, जबकि व्यापारी कीमतों के बढ़ने की संभावना पर अधिक खरीदारी कर रहे हैं.
मौसम का असर और ट्रांसपोर्ट की चुनौती
कई जगहों पर बारिश और खराब मौसम के कारण आपूर्ति चेन प्रभावित हुई है, जिससे प्याज की आवाजाही में बाधा आई है. इससे कीमतों पर सीधा असर पड़ा है. कुछ राज्यों में बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान भी पहुंचा है.
किसानों को राहत, ग्राहकों की जेब पर बोझ
प्याज की कीमतों में तेजी से किसानों को अच्छा भाव मिल रहा है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं की रसोई पर इसका सीधा असर पड़ा है. खासकर होटल और रेस्तरां सेक्टर में खर्च बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
अगले हफ्तों में क्या रहेगा रुझान?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अगले दो हफ्तों में बाजार में प्याज की आवक बढ़ती है तो कीमतों में कुछ गिरावट आ सकती है. लेकिन अगर मांग यूं ही बनी रही, तो प्याज का रेट ₹2000 से ऊपर भी जा सकता है.