Land Of Midnight Sun: दुनिया रहस्यों से भरी हुई है और हर देश की अपनी अलग विशेषताएं हैं. कुछ देश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, तो कुछ जलवायु, संस्कृति या भूगोल के कारण चर्चा में रहते हैं. लेकिन एक देश ऐसा भी है जो अपने रात के न होने की अनोखी विशेषता के लिए जाना जाता है.
जी हां हम बात कर रहे हैं यूरोप के उत्तरी भाग में स्थित नॉर्वे की. इस देश की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां साल में कुछ महीनों तक रात का अस्तित्व ही नहीं होता. यहां का जीवन, संस्कृति और प्राकृतिक दृश्य इतने अद्भुत हैं कि यह देश ‘Land of the Midnight Sun’ कहलाता है.
सिर्फ 40 मिनट के लिए होता है अंधेरा
नॉर्वे की एक अनोखी विशेषता यह है कि यहां 76 दिनों तक सूरज अस्त नहीं होता. यानी कि करीब ढाई महीने तक दिन बना रहता है. इस दौरान सूरज केवल 40 मिनट के लिए डूबता है और फिर फिर से आसमान में चमक उठता है. रात 12:40 बजे से लेकर 1:30 बजे तक का समय वह होता है जब यहां थोड़ी देर के लिए हल्का अंधेरा होता है. इसके बाद फिर से उजाला हो जाता है. यह स्थिति जून से अगस्त तक बनी रहती है.
नॉर्वे की विशेष भौगोलिक स्थिति
नॉर्वे की यह खासियत इसकी भौगोलिक स्थिति की वजह से है. यह देश अत्यधिक उत्तरी अक्षांशों पर स्थित है और उत्तरी ध्रुव के बेहद करीब है. इसी कारण यहां पर ग्रीष्मकालीन महीनों में सूरज काफी लंबे समय तक दिखाई देता है और कुछ क्षेत्रों में तो पूरी रात तक सूरज चमकता है. इस अद्भुत स्थिति को ही मिडनाइट सन (Midnight Sun) कहा जाता है और यह अनुभव प्राकृतिक आश्चर्य से कम नहीं है.
मिडनाइट सन बन गया है उत्सव
नॉर्वे के लोग इस अद्भुत प्राकृतिक घटना को त्योहार की तरह मनाते हैं. जब अधिकांश दुनिया सो रही होती है, तब नॉर्वे में लोग आधी रात को समुद्र किनारे घूमने, ट्रेकिंग करने या फिर बोटिंग का आनंद लेने निकल पड़ते हैं. यह समय नॉर्वे के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद खास होता है. स्थानीय लोग और पर्यटक मिलकर इस अवसर को रंगीन और जीवंत बना देते हैं.
प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत अनुभव
नॉर्वे का प्राकृतिक सौंदर्य तो वैसे भी विश्वप्रसिद्ध है. लेकिन जब आधी रात को सूरज की रोशनी में बर्फ से ढके पहाड़, झीलें और हरे-भरे जंगल नजर आते हैं, तो दृश्य और भी ज्यादा मंत्रमुग्ध करने वाला हो जाता है. लोग यहां साइक्लिंग, फिशिंग, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी और माउंटेन ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों का 24 घंटे आनंद ले सकते हैं.
नॉर्वे का ट्रोम्सो और नॉर्दन लाइट्स का जादू
नॉर्वे का ट्रोम्सो (Tromsø) शहर भी काफी प्रसिद्ध है. यह शहर खासतौर पर नॉर्दन लाइट्स यानी ऑरोरा बोरेलिस (Aurora Borealis) के लिए जाना जाता है. हर साल हजारों पर्यटक यहां इन अद्भुत रोशनीयों को देखने आते हैं. इन लाइट्स को देखने का सबसे उपयुक्त समय नवंबर से फरवरी के बीच माना जाता है. जब यहां लंबी और अंधेरी रातें होती हैं.
नॉर्दन लाइट्स
नॉर्दन लाइट्स वास्तव में सौर कणों और पृथ्वी के मैग्नेटिक फील्ड के आपसी प्रभाव से उत्पन्न होती हैं. जब ये कण वायुमंडल से टकराते हैं, तो हरा, नीला, गुलाबी और बैंगनी रंग की लहरें आकाश में दिखती हैं. यह दृश्य रात के समय बहुत ज्यादा रोमांचक और सुंदर होता है और यही कारण है कि नॉर्वे हर साल प्राकृतिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बना रहता है.
टूरिज्म के लिए स्वर्ग है नॉर्वे
नॉर्वे को सिर्फ मिडनाइट सन और नॉर्दन लाइट्स के लिए नहीं. बल्कि खूबसूरत झीलों, ग्लेशियरों, वॉटरफॉल्स और पर्वतीय गांवों के लिए भी जाना जाता है. यहां का वातावरण साफ और प्रदूषण रहित है, जो इसे हर प्रकार के पर्यटक के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है.
वैज्ञानिक कारण
यह घटना पृथ्वी की झुकाव धुरी (Earth’s axial tilt) के कारण होती है. गर्मियों में जब पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है, तब उत्तरी ध्रुव के नजदीक स्थित क्षेत्रों में सूरज डूबता ही नहीं. इसी कारण नॉर्वे जैसे देशों में कुछ सप्ताह तक सूरज 24 घंटे आसमान में मौजूद रहता है.
मानव शरीर और मानसिकता पर प्रभाव
लगातार रोशनी में रहना एक तरफ जहां रोमांचक अनुभव देता है. वहीं यह मानव शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को भी प्रभावित करता है. इसीलिए यहां के लोग अपने घरों में ब्लैकआउट कर्टेन्स लगाते हैं ताकि शरीर की नींद-जागने की प्रक्रिया प्रभावित न हो.