Air Conditioner Rules : कुछ दिनों से खबरें आ रही थीं कि सरकार अब AC के तापमान को स्टैंडर्डाइज करने जा रही है। केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस संबंध में जानकारी दी है कि अब AC को 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे कूलिंग करने की अनुमति नहीं होगी, और मैक्सिमम लिमिट 28 डिग्री सेल्सियस होगी। इसका मतलब यह है कि भविष्य में जब आप AC खरीदेंगे, तो उसमें आपको सेट मिनिमम लिमिट 20 डिग्री मिलेगी। इससे कम तापमान पर AC को चलाया नहीं जा सकेगा। वहीं, अधिकतम तापमान 28 डिग्री तक सीमित रहेगा। इस कदम ने इंटरनेट पर बहस को जन्म दे दिया है।
क्या है इस नियम का उद्देश्य?
इस नए नियम के बारे में एयर कंडीशनर एक्सपर्ट शैलेंद्र शर्मा का मानना है कि यह कदम बहुत पहले लिया जाना चाहिए था। इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिजली की बचत होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि हर 1°C तापमान बढ़ाने से बिजली की खपत लगभग 6% तक कम हो जाती है। इस नियम के लागू होने से जहां सरकार बिजली ग्रिड्स पर पड़ने वाले लोड को कम कर पाएगी, वहीं एक अनुमान के मुताबिक, उपभोक्ताओं को 3 साल में लगभग 20 से 30 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा।
AC का कंप्रेसर और बिजली की खपत
ऐसे में, भले ही आपके AC में मिनिमम तापमान 16 तक सेट किया जा सकता हो, लेकिन कोई भी एयर कंडीशनर रूम के तापमान को 16 तक नहीं ले जा सकता। अगर वह ऐसा कर भी लेता है, तो उसे सामान्य से 6 गुना ज्यादा बिजली खर्च करनी पड़ेगी। दरअसल, एक एयर कंडीशनर का कंप्रेसर तब तक काम करता रहता है जब तक वह सेट तापमान तक न पहुंच जाए। जब बाहर का तापमान 40 से 45 डिग्री हो, तो अच्छा से अच्छा एयर कंडीशनर भी रूम का तापमान 16 डिग्री तक नहीं पहुंचा सकता। इस स्थिति में कंप्रेसर लगातार चलता रहता है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है और पावर ग्रिड्स पर पीक लोड बनता है।
20 से 28 डिग्री के बीच तापमान क्यों अच्छा है?
विशेषज्ञों का कहना है कि 20-28 डिग्री के बीच तापमान रखने से AC का कंप्रेसर बीच-बीच में बंद हो जाता है, जिससे बिजली की खपत कम होती है। अगर आप AC को 25-26 डिग्री पर चलाते हैं, तो यह न सिर्फ आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा, बल्कि AC की लाइफ भी बढ़ जाएगी। इससे कम बिजली खर्च होता है और AC का कंप्रेसर जल्दी खराब नहीं होता।
भारत में AC की लिमिट और अन्य देशों में क्या है स्थिति?
भारत पहला देश नहीं है, जो AC के तापमान पर इस तरह के नियम बना रहा है। जापान में गर्मियों के दौरान AC की लिमिट 28 डिग्री है। सिंगापुर में पब्लिक प्लेसेस में AC को 25 डिग्री से कम पर सेट नहीं किया जा सकता, और साउथ कोरिया में यह लिमिट 26 डिग्री है। ऐसे में, उत्तर भारत में जहां गर्मी का तापमान बहुत बढ़ जाता है, 20 डिग्री की लिमिट ठीक ही है।
AC की लाइफ को बढ़ाने का तरीका
एयर कंडीशनर एक्सपर्ट शैलेंद्र शर्मा बताते हैं कि इस नए नियम का फायदा सिर्फ बिजली बिल में कमी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे AC की लाइफ भी बढ़ेगी। उनके अनुसार, किसी भी मशीन की लाइफ केवल दो कारणों से कम होती है – एक तो उसे ठीक से इस्तेमाल न करने से, और दूसरा ज्यादा इस्तेमाल करने से। अगर AC को 20 डिग्री पर सेट करके चलाया जाता है, तो कंप्रेसर कुछ देर में बंद हो जाएगा और AC का सबसे मुख्य पार्ट आराम करेगा। इस तरह, AC की लाइफ बढ़ेगी।
किस तापमान पर AC चलाना सेहत के लिए सबसे अच्छा है?
इंसानों के लिए 24 से 26 डिग्री का तापमान सबसे सुविधाजनक और फायदेमंद माना जाता है। यह बॉडी के थर्मल कंफर्ट के लिहाज से अच्छा होता है। अगर तापमान 16 से 19 डिग्री के बीच हो, तो इससे गले में खराश, स्किन ड्रायनेस, मांसपेशियों में जकड़न और यहां तक कि फेफड़ों में संक्रमण भी हो सकता है। 24 से 26 डिग्री का तापमान नींद के लिए भी अच्छा माना जाता है और यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी उचित होता है।
AC ब्लास्ट की घटनाएं और नए नियम का प्रभाव
गर्मी के मौसम में AC ब्लास्ट की घटनाएं आम हो जाती हैं, जो ज्यादातर कंप्रेसर के लगातार चलने से होती हैं। इस नए नियम के लागू होने के बाद ऐसी घटनाओं में कमी आने की संभावना है। शैलेंद्र शर्मा के अनुसार, भले ही लोग इसे किसी भी नजरिए से देखें, लेकिन यह कदम AC उपयोगकर्ताओं और उनके उपकरणों के लिए फायदेमंद साबित होगा।