Namo Bharat Metro Plan: दिल्ली के सराय रोहिल्ला से गुरुग्राम होते हुए राजस्थान के नीमराना तक नमो भारत ट्रेन चलाने की योजना को हरियाणा सरकार ने मंजूरी दे दी है. इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मई के पहले सप्ताह में बैठक आयोजित हुई. जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए. सबसे बड़ी बात यह रही कि इस रूट पर तैयार होने वाले ट्रैक पर भविष्य में मेट्रो ट्रेन भी चलाई जा सकेगी.
मेट्रो और नमो भारत ट्रेन एक ही ट्रैक पर
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रैक का निर्माण मेरठ आरआरटीएस मॉडल की तर्ज पर किया जाए. यानी एक ही ट्रैक पर मेट्रो और हाई-स्पीड RRTS (नमो भारत ट्रेन) दोनों को चलाया जा सके. इसका उद्देश्य यह है कि भविष्य में अलग से मेट्रो ट्रैक बनाने की जरूरत न पड़े. जिससे लागत और समय दोनों की बचत हो सके.
स्टेशन डिजाइन भी मेट्रो के अनुरूप तैयार होंगे
मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी कहा कि स्टेशन का डिज़ाइन इस प्रकार तैयार किया जाए. जिससे भविष्य में मेट्रो संचालन में कोई तकनीकी अड़चन न आए. घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेट्रो स्टेशन कम दूरी पर बनाए जाएंगे ताकि स्थानीय यात्रा में सुविधा मिले.
राजस्थान से ली जाएगी 70 हेक्टेयर जमीन
परियोजना के तहत डिपो के निर्माण के लिए 70 हेक्टेयर जमीन राजस्थान सरकार से ली जाएगी. मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि डिपो का निर्माण राजस्थान में हो, क्योंकि भविष्य में इस रूट को अलवर या जयपुर तक विस्तारित करने की योजना है. यह निर्णय दीर्घकालीन विस्तार को ध्यान में रखकर लिया गया है.
हरियाणा सरकार देगी 40 हेक्टेयर जमीन, शर्तों के साथ
हरियाणा सरकार भी परियोजना में योगदान देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एनसीआरटीसी को 40 हेक्टेयर जमीन देने पर विचार कर रही है. लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी रहेंगी.
- जमीन हरियाणा सरकार के नाम पर रहेगी.
- बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर एनसीआरटीसी का डिपो संचालित होगा.
- ऊपरी मंजिल पर व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन हरियाणा सरकार करेगी.
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा रूट को भी मिली मंजूरी
पत्र में यह भी उल्लेख है कि हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम-फरीदाबाद और नोएडा को जोड़ने वाले नए कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. इस कॉरिडोर के लिए डिपो उत्तर प्रदेश में बनाने की सिफारिश की गई है. ताकि अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी बेहतर हो.
एनसीआरटीसी की पुष्टि
एनसीआरटीसी के प्रवक्ता पुनीत वत्स ने बताया कि मेरठ आरआरटीएस में भी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेट्रो चलाई जा रही है. इसका कारण है कि मेट्रो स्टेशन की दूरी कम होती है और अगर ट्रैक उसी डिज़ाइन से तैयार किया गया हो तो अलग कॉरिडोर की जरूरत नहीं पड़ती. उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब RRTS और मेट्रो एक ही ट्रैक पर चल रही हैं और यह मॉडल भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है.
नमो भारत ट्रेन से बदलेगा दिल्ली-NCR और राजस्थान का ट्रांसपोर्ट सिस्टम
नमो भारत ट्रेन की यह नई परियोजना न केवल दिल्ली और गुरुग्राम को जोड़ने का काम करेगी, बल्कि यह राजस्थान के नीमराना और आगे चलकर अलवर और जयपुर तक भी विस्तार पा सकती है. इस योजना के क्रियान्वयन से यात्रा में समय की बचत होगी, ट्रैफिक दबाव घटेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी.