Semi High Speed Train: दिल्ली सराय रोहिला से कालेखां होते हुए करनाल तक अब यात्रा और तेज़, सुविधाजनक और समयबचाऊ होगी. रेलवे मंत्रालय की नई परियोजना नमो भारत कॉरिडोर के अंतर्गत सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाई जाएगी, जो न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाएगी बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देगी.
रेलवे ने तेज की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया
रेलवे अधिकारियों ने करनाल में प्रशासन के साथ बैठक कर जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने का काम शुरू कर दिया है. 29 जून को उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया की अध्यक्षता में जिला सचिवालय में बैठक हुई. जिसमें रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और प्रस्तावित कॉरिडोर की रूपरेखा साझा की.
जिला प्रशासन का सहयोग मिलेगा
उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन रेलवे को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. ताकि इस प्रोजेक्ट को बिना देरी के लागू किया जा सके. जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को विशेष रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे रुचि लेकर जमीन उपलब्धता की प्रक्रिया पूरी करें.
दिल्ली से करनाल का सफर होगा आसान
इस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली से करनाल के बीच की दूरी बेहद कम हो जाएगी. इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को काफी सुविधा होगी. खासकर जो लोग दिल्ली में काम करते हैं या प्रशिक्षण लेने जाते हैं. उन्हें आने-जाने में समय और धन दोनों की बचत होगी.
कॉरिडोर से मिलेगा रोजगार और क्षेत्रीय विकास
सेमी हाई स्पीड ट्रेन के संचालन से आसपास के इलाकों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे. स्थानीय लोगों के लिए बाजार और काम के अवसर बढ़ेंगे. जिससे आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और क्षेत्र में विकास की नई लहर दौड़ेगी.
दिल्ली से गाजियाबाद, मेरठ और करनाल तक कनेक्टिविटी में सुधार
यह कॉरिडोर न केवल करनाल को बल्कि दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगा. इससे इन शहरों के बीच आवागमन आसान होगा और लॉजिस्टिक्स तथा व्यापारिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण परिवर्तन आएगा.
रेलवे ने साझा की परियोजना की प्रारंभिक रूपरेखा
रेलवे अधिकारियों ने कंप्यूटर प्रेजेंटेशन के जरिए कॉरिडोर की संभावित डिजाइन और रूट मैप प्रस्तुत किया. अधिकारियों ने बताया कि यह कॉरिडोर वर्तमान में मौजूद दिल्ली-मेरठ-गाजियाबाद कॉरिडोर से जुड़कर नेटवर्क को और भी सशक्त बनाएगा.
प्रशासन ने दिए समयबद्ध कार्यान्वयन के निर्देश
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कॉरिडोर कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें. इसके लिए एसडीएम मनदीप कुमार, समालखा एसडीएम अमित कुमार और जिला परिषद की सीईओ डॉ. किरण सिंह भी मौजूद रहीं और आवश्यक जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया.
दिल्ली आने-जाने वाले विद्यार्थियों और कामगारों को होगा लाभ
यह प्रोजेक्ट विशेष रूप से उन लोगों के लिए बड़ा वरदान साबित होगा जो रोज़ाना दिल्ली आते-जाते हैं. ट्रेन की तेज रफ्तार और समयबचत से ना सिर्फ उनकी लाइफस्टाइल बेहतर होगी. बल्कि शारीरिक और मानसिक थकान भी कम होगी.
हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती
नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण से हरियाणा विशेष रूप से करनाल को बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में मजबूत लाभ मिलेगा. रेल संपर्क में सुधार के साथ-साथ नई इकोनॉमिक ज़ोन की संभावनाएं भी खुलेंगी, जो कि रोजगार और निवेश के नए रास्ते तैयार करेंगी.