IMD Monsoon Update : 13 दिनों की लंबी देरी के बाद मॉनसून अब फिर से उत्तर की ओर बढ़ने को तैयार है। 29 मई से इसकी उत्तरी सीमा स्थिर थी, जिससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर रखा था। लेकिन अब मौसम विभाग (IMD) और स्काईमेट वेदर सर्विसेज ने पुष्टि की है कि 14 जून से मॉनसून में गति आएगी।
बंगाल की खाड़ी से मिल रही मॉनसून को ऊर्जा
बंगाल की खाड़ी में बन रहे दो नए सिस्टम्स मॉनसून को फिर से सक्रिय करेंगे। स्काईमेट के जी.पी. शर्मा के अनुसार, इन सिस्टम्स के कारण ओडिशा, झारखंड, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भारी बारिश की संभावना है। IMD ने भी इन अनुमानों की पुष्टि की है।
इन राज्यों में होगी तेज बारिश
पहला सिस्टम आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक में बारिश लाएगा, जबकि दूसरा सिस्टम 14 जून से झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश की शुरुआत करेगा। इससे पहले कमज़ोर पड़े मॉनसून को नई ताकत मिलेगी।
उत्तर भारत को लू से राहत की उम्मीद
मॉनसून की यह सक्रियता अब उत्तर भारत में गर्मी से राहत लाएगी। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और यूपी में भीषण लू की स्थिति बनी हुई है। IMD के अनुसार, 13 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में लू की स्थिति कम होने लगेगी।
उत्तर प्रदेश में कब पहुंचेगा मॉनसून?
मौसम विभाग के अनुसार, 14 जून से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश शुरू हो सकती है। 18 से 20 जून के बीच पूरे यूपी में मॉनसून कवर करेगा। पश्चिमी यूपी जैसे मेरठ और आगरा में 22-25 जून तक बारिश का इंतजार करना पड़ सकता है।
दिल्ली और हरियाणा में कब बरसेगा पानी?
दिल्ली में इस बार 25-27 जून के बीच मॉनसून के पहुंचने की संभावना है, जो सामान्य तिथि 29 जून से कुछ दिन पहले है। हरियाणा के सिरसा, रोहतक, हिसार, अंबाला, करनाल जैसे शहरों में लगातार भीषण गर्मी बनी हुई है।
कहां-कहां होगी भारी बारिश?
12 से 18 जून के बीच मध्य भारत (मप्र, छत्तीसगढ़, विदर्भ), पूर्वी भारत (ओडिशा, बिहार, झारखंड, बंगाल), और दक्षिण भारत (महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, गोवा) में हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है।
पंजाब और हरियाणा में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
बठिंडा में 47.6 डिग्री, सिरसा में 46.2 डिग्री, और चंडीगढ़ में 43.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया है। इन राज्यों के कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री से ऊपर चल रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
पश्चिमी ट्रफ और शियर जोन दे रहे समर्थन
IMD के अनुसार, उत्तर तमिलनाडु से दक्षिण महाराष्ट्र तक एक ट्रफ लाइन बन रही है, जिससे एक शियर जोन तैयार हो रहा है। यह मॉनसूनी हवाओं को मजबूत करेगा और उत्तर की ओर बारिश की गति बढ़ाएगा।