मुंबई से अहमदाबाद का सफर होगा बुलेट स्पीड से, महाराष्ट्र में बिछने लगा बुलेट ट्रैक Bullet Train Project Maharashtra

Bullet Train Project Maharashtra: देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अब गुजरात के बाद महाराष्ट्र में भी तेज़ी से आकार ले रही है. हाल ही में नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने महाराष्ट्र के दहानू में 40 मीटर लंबा फुल स्पैन प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) बॉक्स गर्डर सफलतापूर्वक लॉन्च किया. यह गर्डर अपने आप में एक रिकॉर्ड है. जिसका वजन करीब 970 मीट्रिक टन है.

महाराष्ट्र में तैयार होगा 156 किमी लंबा हाई-स्पीड ट्रैक

महाराष्ट्र में कुल 156 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन ट्रैक बनाया जा रहा है. इसमें से 21 किमी का मार्ग भूमिगत होगा. जबकि 135 किमी का हिस्सा एलिवेटेड (उच्च स्तरीय) बनाया जा रहा है. मुंबई से अहमदाबाद तक कुल 508 किमी लंबा कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है. जिसमें गुजरात का हिस्सा 352 किमी और महाराष्ट्र का हिस्सा 156 किमी है.

एलिवेटेड ट्रैक निर्माण की प्रगति

गुजरात में जहां 300 किमी एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. वहीं महाराष्ट्र में भी 50 किमी एलिवेटेड मार्ग के लिए पिलर खड़े करने का काम चल रहा है. निर्माण कार्य बीकेसी, विरार, बोईसर और ठाणे में स्टेशनों के निर्माण के साथ-साथ तेजी से बढ़ रहा है.

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  • विरार और बोईसर स्टेशन पर स्लैब तैयार हो चुके हैं.
  • ठाणे स्टेशन पर फाउंडेशन वर्क जारी है.
  • उल्हास और वैतरणा नदियों पर पुल निर्माण भी प्रगति पर है.

बुलेट ट्रेन का मार्ग

बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से शुरू होकर बुलेट ट्रेन का पहला स्टेशन भूमिगत होगा.

  • BKC से शिलफाटा तक 21 किमी लंबी सुरंग बनाई जा रही है.
  • इसके बाद शिलफाटा से ज़ारोली (गुजरात सीमा) तक 135 किमी लंबा एलिवेटेड मार्ग तैयार किया जाएगा.

इस एलिवेटेड मार्ग की संरचना इस प्रकार होगी:

  • 103 किमी मार्ग में 2,575 फुल स्पैन लॉंच मशीन (FSLM) गर्डर्स का इस्तेमाल
  • 17 किमी मार्ग पर सेगमेंटल गर्डर्स का प्रयोग
  • 2.3 किमी स्टील ब्रिज, 1.3 किमी स्टेशन सेक्शन, 6 किमी सुरंग पहाड़ी क्षेत्र में, और 5 किमी ऊंचाई वाले स्थानों पर

गर्डर की विशेषता

इस परियोजना में इस्तेमाल हुआ 40 मीटर लंबा PSC बॉक्स गर्डर लगभग 970 मीट्रिक टन वजनी है. यह अब तक का सबसे भारी गर्डर माना जा रहा है. फुल स्पैन गर्डर का इस्तेमाल सेगमेंटल गर्डर की तुलना में 10 गुना तेजी से निर्माण कार्य को पूरा करने में मदद करता है. गर्डर और अन्य ढांचों के निर्माण के लिए शिलफाटा से लेकर ज़ारोली तक 13 कास्टिंग यार्ड बनाए जा रहे हैं. जिनमें से 5 फिलहाल चालू हो चुके हैं.

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पूरे प्रोजेक्ट की एक झलक

विवरणजानकारी
कुल लंबाई508 किमी
गुजरात में352 किमी
महाराष्ट्र में156 किमी
स्टेशनकुल 12
नदियां पार करेंगी20
भूमिगत मार्ग (महाराष्ट्र)21 किमी
एलिवेटेड मार्ग (महाराष्ट्र)135 किमी

स्टेशनों का कार्य तेजी से जारी

  • BKC स्टेशन पूरी तरह भूमिगत होगा.
  • विरार, बोईसर और ठाणे में स्टेशनों की संरचना तैयार हो रही है.
  • ठाणे स्टेशन पर पिलर और बेस फाउंडेशन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है.

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े लाभ

  • पर्यावरणीय लाभ: इलेक्ट्रिक आधारित हाई-स्पीड ट्रेनों से प्रदूषण में कमी आएगी.
  • यात्रा समय में भारी कटौती: मुंबई से अहमदाबाद की दूरी करीब 2 घंटे में तय होगी.
  • आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास: हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़े शहरों में नई आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा.

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