Holidays Canceled: जलभराव और आपात स्थितियों से निपटने के लिए लुधियाना नगर निगम ने बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. 15 जून 2025 से 30 सितंबर 2025 तक किसी भी निगमकर्मी को अवकाश नहीं मिलेगा. इस फैसले से साफ है कि प्रशासन अब पूरी तरह मोर्चा संभालने की तैयारी में है.
जलभराव और सफाई की जिम्मेदारी अब हर कर्मचारी पर
नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि बारिश के दौरान शहर में जलभराव, नालों की सफाई और त्वरित राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए सभी कर्मचारियों की पूर्ण उपस्थिति अनिवार्य होगी. किसी भी विभाग या अधिकारी को छुट्टी स्वीकृत नहीं की जाएगी. चाहे वह कोई भी पद पर क्यों न हो.
निगम ने बताया आदेश का मकसद
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस कदम का उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर नागरिक सेवाएं और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देना है. हर साल बरसात के दौरान सड़कों पर पानी भरने, गटर जाम होने और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं आम होती हैं. ऐसे में नगर निगम पूरी टीम के साथ ग्राउंड पर मौजूद रहकर हालात काबू में रखना चाहता है.
पिछले वर्षों के अनुभवों से सीखा सबक
लुधियाना में हर साल मानसून के दौरान सड़कों पर जलभराव, नालियों का ओवरफ्लो और साफ-सफाई की लचर व्यवस्था को लेकर नागरिकों की नाराजगी सामने आती रही है. शिकायतें बढ़ने और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद इस बार निगम ने पहले से तैयारी की रणनीति अपनाई है.
अधिकारियों और कर्मचारियों को रहना होगा 24×7 तैयार
नगर निगम प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों को 24 घंटे सेवाओं के लिए तैयार रहना होगा. विभागीय प्रमुखों को आदेश दिया गया है कि शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए. ताकि किसी भी समय पर फील्ड में पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध हो.
क्या है जनता की प्रतिक्रिया?
इस फैसले पर शहरवासियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है. कई लोगों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अगर इससे जलभराव और गंदगी से राहत मिलती है, तो यह कदम सराहनीय है. वहीं कुछ कर्मचारियों ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए सवाल उठाए हैं कि इतने लंबे समय तक छुट्टियां कैसे रोकी जा सकती हैं.
नगर निगम के सामने चुनौतियां क्या हैं?
शहर के कई हिस्सों में नालों की सफाई अधूरी, ड्रेनेज सिस्टम कमजोर और कचरे का सही निष्पादन न होने की वजह से बरसात के समय समस्या विकराल रूप ले लेती है. इस बार प्रशासन को पहले से ही सिस्टम दुरुस्त करने की जरूरत है ताकि कर्मचारियों की मेहनत रंग ला सके.