New Elevated Railway Track: कानपुर शहर अब जल्द ही भारत के सबसे लंबे एलीवेटेड रेलवे ट्रैक का गवाह बनने जा रहा है. मंधना से अनवरगंज तक बनने वाला यह 15.51 किलोमीटर लंबा ट्रैक न केवल शहर की तस्वीर बदल देगा बल्कि 50 लाख से अधिक आबादी को जाम की परेशानी से भी राहत दिलाएगा. इस परियोजना पर करीब 1,115 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह देश की सबसे लंबी एलीवेटेड रेलवे लाइन होगी.
निविदा जारी, छह कंपनियों ने दिखाई रुचि
15 मई को परियोजना की निविदा जारी की गई. जिसमें आधा दर्जन कंपनियों ने रुचि दिखाई है. 30 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है. जिसके बाद निर्माण कंपनी का चयन किया जाएगा. निर्माण कार्य अगस्त 2025 से शुरू होने की संभावना है और 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
18 रेलवे क्रासिंगों से मिलेगा छुटकारा
शहर के बीचों-बीच गुजरने वाले 18 रेलवे क्रॉसिंग, खासकर जरीब चौकी जैसे जामग्रस्त क्षेत्र, इस ट्रैक के बनते ही राहत की सांस लेंगे. इन क्रॉसिंगों पर हर दिन करीब 15 लाख वाहन गुजरते हैं. जिससे भारी जाम लगता है. नए ट्रैक से यातायात सुगम होगा और व्यवसायिक गतिविधियों में तेजी आएगी.
2004 से उठ रही थी मांग, 21 साल बाद मिली मंजूरी
साल 2004 से इस प्रोजेक्ट की मांग उठ रही थी. जब पहली बार एलीवेटेड ट्रैक की जरूरत महसूस की गई. लेकिन असल सफलता 2024 लोकसभा चुनाव से पहले दैनिक जागरण की मुहिम के बाद मिली. कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी और अकबरपुर के सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने लगातार दिल्ली से लखनऊ तक इस मुद्दे को उठाया. परिणामस्वरूप 15 मई 2025 को निविदा जारी हुई, जिससे इस परियोजना की राह खुल गई.
आधुनिक स्टेशन और मेट्रो से कनेक्टिविटी
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के सामने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा. यह स्टेशन कानपुर मेट्रो से सीधा जुड़ा होगा. जिससे यात्रियों को बेहतर इंटरकनेक्टिविटी मिलेगी. इससे पहले, हरियाणा के रोहतक में भी पांच किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया गया था. लेकिन कानपुर का ट्रैक उससे तीन गुना लंबा होगा.
अनवरगंज स्टेशन बनेगा दोमंजिला, मिलेगा नया स्वरूप
ब्रिटिश काल में 1896 में बना अनवरगंज स्टेशन अब अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दोमंजिला बनेगा. यह मुंबई और दिल्ली की ट्रेनों का नया केंद्र होगा और पुराने जमाने की गुलामी के चिह्न मिटाकर आधुनिक भारत की झलक दिखाएगा.
प्रधानमंत्री की घोषणा से आई तेजी
30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कानपुर दौरे में जनसभा से एलीवेटेड ट्रैक की घोषणा की गई. इसके बाद इस परियोजना में और तेजी आई है. अब न केवल ट्रैक बनेगा. बल्कि भविष्य में समानांतर ट्रैक निर्माण के लिए भी स्थान छोड़ा गया है.
नए रूट पर चलेगीं 50 से अधिक ट्रेनें
ट्रैक निर्माण के दौरान 50 से अधिक ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा. इससे कल्याणपुर और रावतपुर स्टेशन इतिहास बन जाएंगे. जबकि सीएसजेएमयू के सामने बनने वाला नया स्टेशन प्रमुख केंद्र बनेगा. यात्री यहां से सीधे कानपुर-कासगंज रूट और मेट्रो से जुड़ सकेंगे.
18 बाजारों को होगा सीधा लाभ
मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन के अनुसार यह ट्रैक केवल एक निर्माण परियोजना नहीं. बल्कि शहर के भविष्य की आधारशिला है. इससे डेढ़ दर्जन से अधिक प्रमुख बाजारों को सीधा लाभ मिलेगा. उत्तर और दक्षिण में बंटे शहर के हिस्से अब एक-दूसरे से बेहतर रूप में जुड़ सकेंगे.
तीन महीने में स्टेशन निर्माण की शुरुआत
एलीवेटेड ट्रैक के साथ ही नए स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया अगले दो से तीन महीनों में शुरू हो जाएगी. इससे कानपुर के इन्फ्रास्ट्रक्चर में नया आयाम जुड़ जाएगा और यातायात, व्यापार व शहरी जीवन पहले से कहीं ज्यादा सुगम और आधुनिक हो जाएगा.