Delhi New Flyover Plan: दिल्लीवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना का ऐलान किया है. कालिंदी कुंज चौक, जो कि नोएडा, फरीदाबाद और दक्षिणी दिल्ली को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, अब जल्द ही फ्लाईओवर और इंटरचेंज रोड की मदद से जाम मुक्त हो जाएगा. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस क्षेत्र में एक आधुनिक फ्लाईओवर और 500 मीटर लंबी इंटरचेंज रोड के निर्माण का प्रस्ताव पास किया है. इस प्रोजेक्ट से दैनिक घंटों का जाम झेलने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है.
प्रोजेक्ट की लागत 500 करोड़ रुपये
हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली सरकार के साथ बैठक की, जिसमें कालिंदी कुंज पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर गंभीर चर्चा हुई.
बैठक में यह तय किया गया कि:
- 500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से फ्लाईओवर और इंटरचेंज रोड का निर्माण होगा
- निर्माण कार्य में 2 से 3 साल का समय लगेगा
- इसके अलावा ओखला बैराज पर भी इंटरचेंज की योजना के लिए डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है
डीपीआर के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
कालिंदी कुंज पर बनने वाले इस महत्वाकांक्षी फ्लाईओवर की विवरण परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए NHAI ने विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है. इसके लिए टेंडर की अंतिम तिथि 23 जून रखी गई है.
इस रिपोर्ट के आधार पर:
- निर्माण का खाका तैयार किया जाएगा
- ट्रैफिक डायवर्जन प्लान बनाया जाएगा
- पर्यावरणीय और तकनीकी अनुमोदन लिए जाएंगे
2022 में उठी थी मांग
कालिंदी कुंज चौक की ट्रैफिक समस्या कोई नई नहीं है. 2022 में उत्तर प्रदेश के PWD विभाग ने इस इलाके में फ्लाईओवर और इंटरचेंज निर्माण की सिफारिश की थी. इसके बाद केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) ने भी अपनी रिपोर्ट में यहां फ्लाईओवर की सिफारिश की. इन सिफारिशों को अब केंद्र सरकार ने मंजूरी देते हुए कार्य में बदलने का निर्देश दिया है.
नोएडा, फरीदाबाद और साउथ दिल्ली से आने-जाने वालों को सबसे ज्यादा फायदा
कालिंदी कुंज चौक वह स्थान है, जहां से नोएडा, फरीदाबाद और साउथ दिल्ली की बड़ी आबादी रोजाना दिल्ली के भीतर प्रवेश करती है. यहां बनने वाला फ्लाईओवर यातायात को बिना रुके आगे बढ़ने की सुविधा देगा. सिग्नल पर रुकने की जरूरत खत्म करेगा. प्रदूषण और ईंधन की खपत में भी कमी लाएगा ऑफिस टाइम में लगने वाले घंटों के जाम से छुटकारा मिलेगा.
ओखला बैराज पर भी इंटरचेंज का प्लान
फ्लाईओवर के साथ-साथ ओखला बैराज पर भी इंटरचेंज बनाए जाने की योजना पर काम किया जाएगा. इसके लिए अलग डीपीआर तैयार की जाएगी. एनएचएआई को निर्देश दिए जा चुके हैं. यह योजना दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-गाजियाबाद रूट को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाएगी
पर्यावरण और जमीन अधिग्रहण को लेकर होंगे अलग प्लान
NHAI इस प्रोजेक्ट को पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी संतुलित रूप से आगे बढ़ाना चाहती है. इसके लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन किया जाएगा. ज़मीन अधिग्रहण को लेकर स्थानीय प्रशासन से सहयोग लिया जाएगा. स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को सूचित कर वैकल्पिक रास्ते तैयार किए जाएंगे
दिल्ली का ट्रैफिक मैनेजमेंट होगा डिजिटल और स्मार्ट
इस पूरे प्रोजेक्ट के साथ ही NHAI ने संकेत दिए हैं कि दिल्ली के प्रमुख जाम बिंदुओं पर डिजिटल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा. इसमें शामिल होगा सीसीटीवी आधारित रियल टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग, डिजिटल ट्रैफिक सिग्नल नियंत्रण, सड़कों पर डायनामिक रोड साइन बोर्ड की स्थापना.
फ्लाईओवर निर्माण से संबंधित प्रमुख तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| परियोजना नाम | कालिंदी कुंज फ्लाईओवर और इंटरचेंज |
| लागत | ₹500 करोड़ (अनुमानित) |
| निर्माण अवधि | 2 से 3 वर्ष |
| टेंडर की आखिरी तारीख | 23 जून |
| शामिल एजेंसियां | NHAI, PWD, CRRI |
| लाभार्थी | नोएडा, फरीदाबाद, साउथ दिल्ली के यात्री |