Joint Home Loan: अगर आप घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो अपनी पत्नी को ज्वाइंट अप्लिकेंट बनाना एक बुद्धिमानी भरा फैसला हो सकता है. इससे न सिर्फ आपको बैंक से अधिक लोन राशि मिल सकती है, बल्कि आप ब्याज, टैक्स, स्टांप ड्यूटी और सरकारी सब्सिडी जैसे फायदे भी उठा सकते हैं.
1. अधिक लोन राशि की पात्रता मिलेगी
अगर आपकी पत्नी वर्किंग महिला हैं और उनकी आय को भी लोन में जोड़ा जाए, तो आप अधिक लोन राशि के पात्र बन सकते हैं. इससे आपको बड़ा और बेहतर घर खरीदने का विकल्प मिल सकता है. बैंक संयुक्त आय को देखकर लोन अप्रूवल में आसानी करते हैं.
2. ब्याज दर में छूट से बचेंगे लाखों रुपये
कई बैंक महिलाओं को होम लोन पर 0.05% तक की ब्याज दर में छूट देते हैं. अगर आपकी पत्नी लोन में सह-आवेदक हैं, तो इस छूट का फायदा पूरा परिवार उठा सकता है. इससे पूरे लोन की अवधि में लाखों रुपये की बचत संभव है.
3. टैक्स में मिलती है डबल छूट
ज्वाइंट होम लोन लेने पर आप और आपकी पत्नी अलग-अलग इनकम टैक्स डिडक्शन का दावा कर सकते हैं.
- धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख
- धारा 24b के तहत ₹2 लाख
इस तरह मिलाकर ₹7 लाख तक की टैक्स छूट ली जा सकती है. जिससे सालाना टैक्स बोझ में भारी राहत मिलती है.
4. स्टांप ड्यूटी में छूट से और होगी बचत
कुछ राज्य जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश आदि में अगर महिला को-संयुक्त स्वामी होती हैं, तो प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर 1% से 2% तक की स्टांप ड्यूटी में छूट मिलती है. बड़े शहरों में यह छूट ₹50,000 से ₹1 लाख तक की सीधी बचत बन जाती है.
5. प्रधानमंत्री आवास योजना की सब्सिडी
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत यदि घर पहली बार खरीदा जा रहा हो और उसमें महिला सह-स्वामी हो, तो ₹2.5 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है. यह सुविधा केवल फर्स्ट टाइम होम बायर्स के लिए लागू है और इससे घर खरीदना आर्थिक रूप से और आसान हो जाता है.