Alcohol Drinking Fine: झारखंड सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कड़ा निर्णय लिया है. अब राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में यदि कोई व्यक्ति सड़क किनारे, खुले मैदान, शराब दुकान के बाहर या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करता पाया गया तो उसे भारी जुर्माना भुगतना होगा.
रांची पुलिस और उत्पाद विभाग का अभियान तेज
रांची पुलिस और उत्पाद विभाग ने इस दिशा में कठोर अभियान शुरू कर दिया है. खासतौर पर सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने 25 से अधिक लोगों को सड़क किनारे शराब पीते हुए पकड़ा और उनसे करीब 1 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है. पुलिस इस मुहिम को पूरे शहर में सख्ती से लागू कर रही है.
जुर्माने की राशि हर बार बढ़ेगी
सरकार द्वारा निर्धारित नए नियमों के अनुसार, हर बार पकड़े जाने पर जुर्माना बढ़ता जाएगा:
- पहली बार पकड़े जाने पर ₹5,000 का जुर्माना
- दूसरी बार पर ₹20,000 तक जुर्माना
- तीसरी बार और आगे जुर्माना ₹1 लाख तक पहुंच सकता है
यह नियम सिर्फ आर्थिक दंड तक सीमित नहीं है, वाहन जब्त करने जैसे कानूनी उपाय भी इसके अंतर्गत शामिल किए गए हैं.
पकड़े जाने पर लिया जा रहा लिखित शपथ पत्र
थानेदार कुलदीप कुमार ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते पकड़े गए व्यक्तियों से न केवल जुर्माना वसूला जा रहा है, बल्कि उनसे एक लिखित आवेदन भी लिया जा रहा है. इस शपथ पत्र में वे यह लिखकर दे रहे हैं कि वे भविष्य में दोबारा सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन नहीं करेंगे.
कानून का उल्लंघन करोगे तो चुकानी होगी भारी कीमत
पुलिस के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति इस शपथ के बावजूद नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर पहले से भी अधिक कठोर दंड लागू होगा. यह पुनरावृत्ति करने वाले अपराधियों के लिए चेतावनी है कि बार-बार पकड़े जाने की स्थिति में उन्हें न केवल भारी जुर्माना, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है.
सार्वजनिक स्थानों की निगरानी बढ़ी
शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस ने सर्विलांस और निगरानी को भी बढ़ा दिया है. खासतौर पर उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है, जहां अक्सर लोग समूह में खड़े होकर शराब का सेवन करते हैं. अब पुलिस की टीम ऐसे स्थानों पर अचानक छापेमारी कर रही है और फील्ड में तैनात टीमें नियमित पेट्रोलिंग कर रही हैं.
जनता में जागरूकता फैलाने की पहल
झारखंड सरकार सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है. बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए पब्लिक अवेयरनेस अभियान भी चला रही है. इसके तहत यह समझाया जा रहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना न केवल कानून का उल्लंघन है. बल्कि यह सामाजिक रूप से भी अशोभनीय और हानिकारक है.
सार्वजनिक शराब सेवन
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक जगहों पर नशापान की बढ़ती प्रवृत्ति न केवल शहरी सौंदर्य को प्रभावित करती है. बल्कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है. इसलिए झारखंड सरकार का यह कदम समाज में अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक माना जा रहा है.