Hand Hygiene: संक्रमण से जुड़ी बीमारियों से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका है—हाथों की सफाई. कोरोना महामारी के समय, विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने बार-बार हाथ धोने की सलाह दी. खासतौर पर साबुन और पानी से हाथ धोना सबसे कारगर उपाय बताया गया. साबुन में मौजूद मॉलिक्यूल्स, जैसे कि नॉवेल कोरोनावायरस सहित कई वायरसों के लिपिड मेम्ब्रेन को तोड़ सकते हैं. जिससे ये वायरस निष्क्रिय हो जाते हैं. वहीं बहता पानी त्वचा की सतह से गंदगी और पैथोजेन्स को हटा देता है. जब हम हाथों को रगड़ते हैं, तो यह मैकेनिकल एक्शन भी सफाई में मदद करता है.
साबुन-पानी बनाम हैंड सैनिटाइज़र
डॉ. नरेंद्र सिंगला (लीड कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, सीके बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली) के अनुसार, कुछ स्थितियों में साबुन और पानी सैनिटाइज़र से बेहतर विकल्प होते हैं. जैसे कि क्रिप्टोस्पोरिडियम, नोरोवायरस और क्लोस्ट्रीडियम डिफिसाइल जैसे हानिकारक जर्म्स को हटाने में सिर्फ साबुन और पानी ही कारगर साबित होते हैं.
ये वायरस गंभीर पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं और अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइज़र इन पर उतना असर नहीं करते.
सैनिटाइज़र की सीमाएं और गलत इस्तेमाल
हालांकि कम से कम 60% अल्कोहल वाले सैनिटाइज़र एक सुविधाजनक विकल्प हैं. खासकर जब पानी उपलब्ध न हो, लेकिन इनकी कुछ सीमाएं हैं.
- सैनिटाइज़र नोरोवायरस और C. difficile जैसे कुछ जर्म्स पर कम प्रभावी हैं.
- अक्सर लोग इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करते, जैसे–पर्याप्त मात्रा में लगाना और पूरी तरह सूखने तक हाथ रगड़ना.
इन स्थितियों में केवल साबुन और पानी ही कारगर
अगर हाथों पर गंदगी, चिकनाई या मिट्टी लगी हो. जैसे कि बागवानी के बाद, खाना खाने से पहले या शौचालय के उपयोग के बाद तो सिर्फ साबुन और पानी से ही हाथों की पूरी सफाई हो सकती है. इसके अलावा कीटनाशकों और रसायनों जैसे हानिकारक केमिकल्स को हटाने के लिए भी सैनिटाइज़र पर्याप्त नहीं हैं.
हाइजीन के लिए क्या अपनाएं प्राथमिकता?
हैंड सैनिटाइज़र एक अच्छा बैकअप है. लेकिन जहां संभव हो, साबुन और पानी को प्राथमिकता देना चाहिए. यह न केवल ज्यादा असरदार है. बल्कि सभी प्रकार के पैथोजेन्स और दूषित तत्वों को हटाने में ज्यादा भरोसेमंद भी है. टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद भोजन से पहले और हाथ visibly गंदे हों तो हमेशा साबुन-पानी का ही उपयोग करें.