Sanitation Workers Protest: हरियाणा के सफाई कर्मचारियों ने राज्य में नियमित भर्ती नहीं होने और MWAS ऐप पर हाजिरी दर्ज करने की अनिवार्यता के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने का एलान किया है. अनेक चरणों में चलने वाले इस आंदोलन की शुरुआत 3 जून से होगी. जो 9 जुलाई तक चलेगा. इस दौरान फायर और पालिका कर्मचारी राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए कई विरोध कार्यक्रम आयोजित करेंगे.
29 जून को होगा फरीदाबाद में मंत्री आवास का घेराव
आंदोलन के मुख्य चरण में सफाई कर्मचारी 29 जून को फरीदाबाद स्थित शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास का घेराव करेंगे. उनकी मांग है कि फायर और पालिका कर्मचारियों से सरकार द्वारा किए गए पूर्व समझौते को तत्काल लागू किया जाए. इससे पहले 3 जून को राज्य के 89 फायर स्टेशनों पर काले झंडों के साथ प्रदर्शन किया जाएगा.
चंडीगढ़ से हुआ आंदोलन का बिगुल
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और महासचिव मांगेराम तिगरा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अब सफाई कर्मचारी जागरूक हो चुका है और सरकार के कर्मचारी-विरोधी निर्णयों के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा.
फायर कर्मचारियों के समझौते को नहीं किया लागू
शास्त्री ने बताया कि सरकार ने फायर और पालिका कर्मचारियों के साथ पूर्व में समझौता किया था. लेकिन अब तक उसे जमीन पर लागू नहीं किया गया. इससे प्रदेशभर के नगर निगम, परिषद और फायर विभाग के हजारों कर्मचारी नाराज हैं.
12 जून को पंचकूला में घेराव, 10 जून को काले झंडे
12 जून को अग्निशमन विभाग के महानिदेशक के पंचकूला कार्यालय का घेराव किया जाएगा. वहीं 10 जून को सभी पालिका और निगम कर्मचारी काले बिल्ले और झंडे लेकर प्रदर्शन करेंगे. उसी दिन ये कर्मचारी “उल्टी झाड़ू” हाथ में लेकर नगर निगम आयुक्तों व परिषदों के जिला अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर धरना देंगे.
मुख्यमंत्री और मंत्रियों के घरों पर भी प्रदर्शन
23 जून को मुख्यमंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्रियों के आवासों पर आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा. कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपेंगे. जिससे सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले.
जनजागरण अभियान भी चलाएंगे कर्मचारी संगठन
आंदोलन की तैयारियों के तहत जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा. इसके अंतर्गत 7 जून को अंबाला और रोहतक, 14 जून को गुरुग्राम और करनाल तथा 21 जून को फरीदाबाद और हिसार में कर्मचारी सम्मेलन (कन्वेंशन) आयोजित किए जाएंगे.
ठेका प्रथा और MWAS ऐप पर गहरा विरोध
नरेश शास्त्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सफाई के कार्य में ठेका प्रथा लागू कर दी है, जिससे स्थायी रोजगार की संभावना समाप्त हो गई है. साथ ही MWAS ऐप के जरिए हाजिरी लगाने के नाम पर अफसरशाही की मनमानी बढ़ रही है.
27 हजार वेतन और स्थायी भर्ती की मांग
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार सफाई कर्मचारियों को 27 हजार रुपये मासिक वेतन मिलना था, लेकिन अभी तक इसका पालन नहीं हुआ. इसके साथ ही सीवर और सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती भी नहीं की जा रही है.
कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों की अनदेखी
हरियाणा कौशल रोजगार निगम में काम कर रहे कर्मचारियों को भी आंदोलन में शामिल किया गया है. संगठन की मांग है कि 5 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को 58 वर्ष की नौकरी की गारंटी दी जाए, जबकि जिनकी सेवा 5 साल पूरी नहीं हुई. उन्हें नियमों में छूट देकर रोजगार की सुरक्षा मिले.
9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का एलान
यदि सरकार मांगें नहीं मानती, तो 9 जुलाई को सफाई और फायर कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाएंगे. संघ का कहना है कि यह लड़ाई अब आर-पार की होगी और वे पीछे नहीं हटेंगे.