हरियाणा के गांवों में कूड़ा नहीं बनेगा सिरदर्द, घर-घर जाकर इकट्ठा किया जाएगा कचरा Haryana Govt Decision

Haryana Govt Decision : सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में बड़े गांवों के लिए 298 हॉपर टिपर डंपर खरीदने की मंजूरी दी जा चुकी है और जिस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है, उसे जल्द- से- जल्द डिलीवरी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. डिलीवरी होते ही ग्राम पंचायतों में डंपर भिजवा दिए जाएंगे.


गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2025- 26 के सालाना बजट में सीएम नायब सैनी ने इसकी घोषणा की थी. बजट लागू होने के 2 महीने बाद ही इस योजना को हरी झंडी दिखा दी गई है. गांवों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 5 से 6 गांवों को मिलाकर एक क्लस्टर बनेगा और इस क्लस्टर में कूड़ा- कचरा एकत्रित कर इसका निस्तारण किया जाएगा. यहां प्रोसेसिंग के जरिये प्लास्टिक, कांच आदि को कूड़े से अलग किया जाएगा. आने वाले समय में कूड़े- कचरे से खाद व बिजली बनाने की योजना है.
डोर- टू- डोर होगी कलेक्शन


शहरों की तर्ज पर राज्य के सभी गांवों में डोर- टू- डोर कचरा एकत्रित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है. कुछ गांवों में इस योजना को धरातल पर अमलीजामा पहनाया गया है. प्रदेश सरकार ने विकास एवं पंचायत विभाग को सभी ग्राम पंचायतों में इस योजना को लागू करने के निर्देश दिए हैं. इस योजना में स्वयं सहायता समूह का सहयोग लिया जाएगा और इसकी एवज में उन्हें मासिक मानदेय दिया जाएगा.

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हरियाणा के गांवों में सफाई व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

हरियाणा सरकार अब गांवों की सफाई व्यवस्था को शहरों की तर्ज पर मजबूत करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में 298 हॉपर टिपर डंपरों की खरीद को मंजूरी दी गई है। ये डंपर राज्य के बड़े गांवों और क्लस्टर स्तर पर भेजे जाएंगे, जिससे कूड़ा-करकट के निस्तारण में गति आ सके।

बजट में की गई थी घोषणा, अब तेजी से अमल शुरू

वित्त वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में सीएम नायब सैनी ने डंपर देने की घोषणा की थी। बजट पास होने के महज दो महीने के भीतर ही इस योजना को मंजूरी मिल गई है और अब इसे जमीनी स्तर पर लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह योजना गांवों में आधुनिक सफाई तंत्र की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

5 से 6 गांव मिलाकर बनेगा एक सफाई क्लस्टर

गांवों में प्रभावी कूड़ा प्रबंधन के लिए 5-6 गांवों को मिलाकर क्लस्टर बनाए जाएंगे। इन क्लस्टरों में डंपरों के जरिए कचरा एकत्र कर प्रोसेसिंग यूनिट तक भेजा जाएगा, जहां प्लास्टिक, कांच और अन्य रीसायक्लेबल पदार्थों को अलग किया जाएगा। आगे चलकर इन्हीं कचरे से खाद और बिजली उत्पादन की योजना भी है।

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डोर-टू-डोर कलेक्शन होगी हर गांव में

सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा के गांवों में भी शहरी क्षेत्रों की तरह डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुरू किया जाए। इसके लिए विकास एवं पंचायत विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कुछ गांवों में यह योजना प्रायोगिक रूप से शुरू भी हो चुकी है।

स्वयं सहायता समूह को मिलेगा जिम्मा और मानदेय

इस योजना को सफल बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा। गांव-स्तर पर सफाई व्यवस्था में भागीदारी निभाने वाले समूहों को हर माह मानदेय भी दिया जाएगा। इससे एक ओर स्वच्छता अभियान को बल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

जल्द पहुंचेंगे 298 डंपर, कंपनी को दिए गए निर्देश

परचेज कमेटी ने जिन कंपनियों को डंपर आपूर्ति का ठेका दिया है, उन्हें तत्काल डिलीवरी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। डंपर पहुंचते ही ग्राम पंचायतों में इन्हें वितरित कर दिया जाएगा, ताकि क्लस्टर आधारित सफाई कार्यों की शुरुआत जल्द हो सके।

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आने वाले समय में बनेगा मॉडल सिस्टम

हरियाणा सरकार की यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छता के मॉडल में बदलने का प्रयास है। भविष्य में हर गांव में ठोस कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, रीसाइक्लिंग और वेस्ट टू एनर्जी परियोजनाओं पर काम करने की योजना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग भी हो सकेगा।

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