Haryana Royalty Increase: हरियाणा सरकार ने आम जनता और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य में पत्थर और मिट्टी की रॉयल्टी दरें दोगुनी कर दी गई हैं, जिससे गुरुग्राम समेत पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में निर्माण कार्य की लागत में इजाफा होगा।
कैबिनेट बैठक में लिया गया अहम निर्णय
यह फैसला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को चंडीगढ़ में हुई मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया। इस बैठक में करीब 20 एजेंडों पर विचार किया गया, जिनमें से सबसे चर्चित फैसला खनिज रॉयल्टी बढ़ाने को लेकर रहा। सरकार ने न सिर्फ रॉयल्टी दरें बढ़ाईं बल्कि हरियाणा में दूसरे राज्यों से आने वाले खनिज परिवहन पर भी 100 रुपये प्रति टन शुल्क लगाने का निर्णय किया है।
रॉयल्टी दरों में कितना हुआ इजाफा?
नई दरें इस प्रकार हैं:
- पत्थर की रॉयल्टी: 45 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति टन
- मिट्टी की रॉयल्टी: 40 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति टन
इस बढ़ोतरी से निर्माण सामग्री की लागत में सीधा असर देखने को मिलेगा, जो घर बनाने या प्रोजेक्ट निर्माण में जुटे बिल्डरों पर भारी पड़ेगा।
पाली क्रेशर जोन की आपूर्ति पर पड़ेगा असर
गुरुग्राम के पाली क्रेशर जोन में करीब 70 क्रेशर यूनिट सक्रिय हैं। यहां से एनसीआर के अधिकांश शहरों में रोड़ी, पत्थर और रेती की आपूर्ति की जाती है।
पाली क्रेशर जोन के प्रधान धर्मवीर भड़ाना ने इस फैसले को सराहनीय बताया है और कहा कि इससे खनिज संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ेगी लागत
रियल एस्टेट कारोबारियों का मानना है कि इस रॉयल्टी वृद्धि का सीधा असर बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स की लागत पर पड़ेगा।
बिल्डरों की प्रतिक्रिया कुछ इस प्रकार रही:
- निर्माण सामग्री की कीमतें पहले से ही ऊंची हैं।
- रेत, रोड़ी, मिट्टी के रेट लगातार चढ़ रहे हैं।
- अब रॉयल्टी बढ़ने से कुल लागत में भारी इजाफा होगा।
- यह बोझ निवेशकों और आम घर खरीदारों पर पड़ेगा।
क्या मकान खरीदना और महंगा होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से तैयार मकानों और फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी तय है।
जब निर्माण सामग्री महंगी हो जाती है तो:
- बिल्डरों की लागत बढ़ती है
- वे लागत की भरपाई के लिए फ्लैट्स के दाम बढ़ाते हैं
- मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना और कठिन हो जाता है
इसका सीधा असर दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद जैसे एनसीआर शहरों में दिखाई देगा।
खनन परिवहन पर भी लगाया गया अतिरिक्त शुल्क
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि हरियाणा की सीमा में दूसरे राज्यों से आने वाले खनिजों पर 100 रुपये प्रति टन का शुल्क लिया जाएगा। यह कदम खनिज संरक्षण और राजस्व बढ़ोतरी के तहत लिया गया है।
इससे बाहर से आने वाले खनिज भी महंगे हो जाएंगे। जिससे निर्माण लागत में और बढ़ोतरी होगी।
सरकार का पक्ष
सरकार का मानना है कि:
- खनिजों की अनियंत्रित खुदाई और तस्करी पर लगाम लगेगी।
- राजस्व में बढ़ोतरी होगी जिससे अन्य योजनाओं में निवेश संभव होगा।
- खनिज संसाधनों का दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
क्या आम आदमी के बजट पर पड़ेगा असर?
- प्रॉपर्टी बाजार में मांग घट सकती है। जिससे रियल एस्टेट में मंदी आने की आशंका है।
- मकान बनवा रहे लोग अब ज्यादा खर्च करने को मजबूर होंगे।
- नए घर खरीदने की सोच रहे मध्यमवर्गीय परिवारों को ज्यादा बजट तैयार करना होगा।