Action on Ration Card : हरियाणा में करीब 4 लाख राशन कार्डधारक ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने कभी भी सरकारी राशन नहीं लिया है। अब राज्य सरकार ने इन कार्डों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है, ताकि अनुपयोगी कार्डों को रद्द किया जा सके। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशन का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
राशन वितरण में पारदर्शिता के निर्देश
राज्य के खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राजेश नागर ने हाल ही में पंचकूला में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि जनता को बार-बार डिपो के चक्कर न लगाने पड़ें।
राशन आपूर्ति में देरी की समस्या होगी खत्म
मंत्री ने बताया कि 30 मई तक इस महीने का राशन सभी डिपो में पहुंच चुका था। हालांकि, महज 2 फीसदी राशन डिपो में किसी कारणवश आपूर्ति में बाधा आई है, जिसे जल्द दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भविष्य में खाद्यान्न और तेल की आपूर्ति अलग-अलग समय पर न हो, ताकि उपभोक्ताओं को एक ही बार में संपूर्ण राशन मिल सके।
कार्डधारकों की निष्क्रियता बनी सरकार की चिंता
बैठक में खुलासा हुआ कि लगभग 4 लाख राशन कार्डधारक ऐसे हैं जिन्होंने कभी राशन नहीं उठाया। सरकार ने इन कार्डों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह निर्णय जनकल्याण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे फर्जी या गैरजरूरी कार्ड हटाए जा सकेंगे और वास्तविक लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जा सकेगी।
पात्र लोगों तक ही पहुंचे योजना का लाभ
मंत्री राजेश नागर ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचाना है। राशन व्यवस्था में अनावश्यक भार कम करने से नीति का सही क्रियान्वयन संभव होगा। इसके लिए राज्य सरकार हर जिले से निष्क्रिय कार्डधारकों की सूची मंगा रही है।
केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों की चर्चा
बैठक में मंत्री ने वर्ष 2014 के बाद देश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर हम 2014 से पहले और बाद की व्यवस्थाओं की तुलना करें, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य और देश में बड़ी प्रगति देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी भी तेज की जा रही है।