Haryana Monsoon 2025: हरियाणा में गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है. राज्य में मौसम ने अचानक करवट ली है और कई जिलों में सुबह-सुबह हल्की बारिश देखने को मिली है. कहीं बादल छाए हुए हैं. तो कहीं तेज हवाएं चल रही हैं. मौसम विभाग ने 16 से 19 जून तक बारिश की संभावना जताई है. जिससे आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट और मौसम के और सुहावना होने की उम्मीद है.
आज से 4 दिन तक बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 16 से 19 जून तक हरियाणा में प्री-मानसूनी हवाएं सक्रिय रहेंगी. इस दौरान कई जगहों पर बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने, और हल्की से मध्यम बारिश की आशंका है. 19 जून के बाद से मौसम में बड़ा बदलाव आने के संकेत हैं.
इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश के आसार
- 16 जून (रविवार):
- 25% बारिश के आसार: सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, जींद, कैथल, चरखी दादरी
- 25-50% बारिश की संभावना: महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक, मेवात, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर
- 17 जून (मंगलवार):
- कोई बारिश नहीं: सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, जींद
- 25% बारिश के आसार: कैथल, कुरुक्षेत्र, चरखी दादरी
- 25-50% बारिश की संभावना: बाकी वही जिले जिनमें 16 जून को भी अलर्ट था
- 18 जून (बुधवार):
- कम बारिश की संभावना: सिरसा, फतेहाबाद
- 25% बारिश के आसार: हिसार, भिवानी, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, चरखी दादरी
- 25-50% बारिश की संभावना: महेंद्रगढ़ से यमुनानगर तक अधिकांश जिले
- 19 जून (बृहस्पतिवार):
- 75-100% बारिश की संभावना: अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर
- अन्य जिलों में भी बारिश के संकेत
मानसून की एंट्री 28 जून को संभावित
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि हरियाणा में मानसून 28 जून तक प्रवेश कर सकता है. इसके बाद 3 जुलाई तक पूरे राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. इससे पूरे प्रदेश में तेज बारिश, हवा में नमी और गर्मी से राहत की स्थिति बनेगी.
रविवार को कई जिलों में हुई बारिश
बीते रविवार को हरियाणा के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. इससे पहले जहां तापमान 45 डिग्री के आसपास बना हुआ था. वहीं अब पारा 40 डिग्री से नीचे आ गया है. लोगों को गर्मी से राहत मिली है और मौसम काफी हद तक आरामदायक हो गया है.
अगर अगले 4 दिन रहा ऐसा मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि अगर अगले चार दिन बारिश होती रही, तो राज्य में गर्मी से पूरी तरह राहत मिल सकती है. प्री-मानसूनी गतिविधियां अगर जारी रहीं, तो मानसून आने से पहले ही खेतों और वातावरण में नमी बढ़ जाएगी. जिससे खेती और जीवन दोनों को फायदा होगा.