हरियाणा के इन किसानों को मिलेंगे 20 हजार, सैनी सरकार ने किया बड़ा ऐलान Natural Farming Subsidy

Natural Farming Subsidy : हरियाणा सरकार अब किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए बड़े फैसले ले रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जिनका सीधा लाभ कृषकों को आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती अपनाने में मिलेगा।

गुरुग्राम में खुलेगी पहली जैविक और प्राकृतिक मंडी

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गुरुग्राम में प्राकृतिक और जैविक कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष मंडी की स्थापना की जाएगी। इस मंडी में गेहूं, धान, दालें और अन्य अनाज जो कि प्राकृतिक अथवा जैविक तरीके से उत्पादित हुए हों, उनकी अलग से बिक्री व्यवस्था की जाएगी। यह पहल उन किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है, जो रसायन रहित खेती की ओर बढ़ना चाहते हैं लेकिन बाजार की अनिश्चितता से डरते हैं।

हिसार में फल-सब्जियों के लिए भी अलग मंडी की घोषणा

केवल अनाज ही नहीं, मुख्यमंत्री ने बताया कि हिसार में प्राकृतिक और जैविक फल-सब्जियों की बिक्री के लिए भी एक विशेष मंडी बनाई जाएगी। यह मंडी उन किसानों को स्थानीय और पारदर्शी बाजार प्रदान करेगी, जो जैविक विधियों से फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं।

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ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए मिलेगा आर्थिक सहयोग

प्राकृतिक खेती को मूल्य वर्धन के साथ जोड़ने के लिए सरकार ने प्रति किसान ₹20,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह राशि किसानों को ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए दी जाएगी, ताकि उनके उत्पाद प्रतिस्पर्धी बाजार में बेहतर दाम पर बिक सकें। यह योजना किसानों को क्लीन ब्रांड इमेज, उच्च गुणवत्ता के प्रमाण और नए ग्राहक वर्ग तक पहुंचने में मदद करेगी।

मूल्य निर्धारण के लिए बनेगी विशेष समिति

मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी बताया कि प्राकृतिक और जैविक खेती की उपज का उचित मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण के अंतर्गत एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति का उद्देश्य होगा कि किसान को उसकी उपज के लिए न्यायसंगत, लाभकारी और स्थिर कीमतें मिल सकें।

उपज की जांच के लिए खुलेंगी फ्री टेस्टिंग लैब

राज्य सरकार किसानों को सर्टिफाइड जैविक उत्पाद का दर्जा दिलाने के लिए उपज जांच की मुफ्त सुविधा भी देने जा रही है। इसके लिए प्रदेश में प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी, जहां किसान अपनी उपज की प्राकृतिक और जैविक गुणवत्ता की जांच नि:शुल्क करवा सकेंगे। इससे न केवल उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि किसानों को बाजार में भरोसेमंद ग्राहक भी आसानी से मिल सकेंगे।

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पूंडरी (कैथल) में 53 एकड़ भूमि किसानों को दी जाएगी

मुख्यमंत्री ने एक और अहम घोषणा करते हुए बताया कि खंड पूंडरी, जिला कैथल में कृषि विभाग की 53 एकड़ जमीन को प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को नीलामी के आधार पर पट्टे पर दिया जाएगा। इस पहल का मकसद संरक्षित सरकारी भूमि का उपयोग करते हुए किसानों को जैविक खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुभव दिलाना है।

प्राकृतिक खेती के लाभ: पर्यावरण से लेकर पोषण तक

सरकार के इस अभियान का उद्देश्य केवल रसायनों से मुक्त खेती को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक व्यापक सोच है:

  • मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है
  • जल संरक्षण में मदद मिलती है
  • उपज में पोषण की गुणवत्ता बढ़ती है
  • कृषि पर खर्च घटता है
  • लंबे समय में किसान की आय बढ़ती है

किसानों को क्या मिलेगा इस पहल से?

  1. ₹20,000 की वित्तीय सहायता ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए
  2. प्राकृतिक/जैविक मंडी में विक्रय का अलग प्लेटफॉर्म
  3. उचित दाम सुनिश्चित करने के लिए समिति
  4. नि:शुल्क लैब जांच की सुविधा
  5. सरकारी जमीन पर खेती करने का अवसर

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