Haryana Monsoon Update: हरियाणा में इस बार मानसून समय से पहले पहुंच गया है. लेकिन इसके बावजूद पूरे प्रदेश में अब तक एकसमान बारिश नहीं हो पाई है. पिछले दो दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी होने के कारण बारिश थम गई थी. लेकिन अब एक बार फिर बादलों ने रफ्तार पकड़ ली है.
1 जुलाई तक पूरे हरियाणा में मानसून सक्रिय
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 1 जुलाई से पहले मानसून पूरे हरियाणा में फैल सकता है. विभाग ने बताया कि शनिवार से मानसून की गति में तेजी आई है. जिससे अब पूरे राज्य में बारिश होने की उम्मीद है.
रविवार को 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार से हरियाणा के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि तेज और व्यापक बारिश की संभावना है. वहीं 8 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. जहां हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं.
किन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज और यलो अलर्ट?
- ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: यमुनानगर, अंबाला, करनाल, पानीपत, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल (दो बार उल्लेख), और एक अन्य जिला
- यलो अलर्ट वाले जिले: विज्ञानियों के अनुसार इनमें हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. लेकिन तेज बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
शनिवार को कहां-कहां हुई बारिश?
शनिवार को हरियाणा के 11 जिलों में बारिश दर्ज की गई. हालांकि बारिश के साथ कुछ जिलों में गर्मी भी बरकरार रही. सिरसा जिले में तापमान फिर से 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि बारिश के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिल सकी है.
मानसून की गति हुई तेज
पिछले दो दिन मानसून सुस्त पड़ा हुआ था. जिससे लोगों को निराशा हुई. लेकिन अब शनिवार से स्थिति में बदलाव आया है. अब विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यभर में बारिश का सिलसिला तेज होगा.
तेज बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने तेज बारिश की चेतावनी जारी की है. खासकर उन जिलों के लिए जहां ऑरेंज अलर्ट है. विभाग ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. ताकि जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली संबंधी समस्याओं से बचा जा सके.
बारिश से जुड़े संभावित खतरे और एहतियात
- निचले इलाकों में जलभराव की आशंका, वाहन सावधानी से चलाएं
- खुले स्थानों पर बिजली गिरने का खतरा, पेड़ों और खुले मैदानों से दूर रहें
- तेज हवाओं और बारिश में छतरी या मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें
- बिजली के खंभों और ट्रांसफॉर्मर के पास जाने से बचें
कृषि और किसानों के लिए राहत की उम्मीद
इस बार मानसून समय से पहले आने के बावजूद असमान बारिश के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई थी. अब जब मानसून रफ्तार पकड़ रहा है, तो उम्मीद की जा रही है कि फसलों की बुवाई में तेजी आएगी और खेती को भरपूर पानी मिलेगा.