Aadarash Saur Gaanv : हरियाणा के झज्जर जिले की ग्रामीण आबादी के लिए सरकार एक खास सोलर योजना लेकर आई है। इसमें जिले के 29 गांवों को शामिल किया गया है, जहां 5,000 से ज्यादा की आबादी है। इन गांवों के बीच सोलर पैनल लगाने की प्रतिस्पर्धा होगी और सबसे अधिक सोलर ऊर्जा अपनाने वाले गांव को 1 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह पहल केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत चलाई जा रही है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का विशेष उद्देश्य
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही यह योजना आदर्श सौर गांव विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि हर जिले में एक ऐसा गांव विकसित किया जाए, जो सौर ऊर्जा को अपनाने में अग्रणी हो और दूसरों के लिए उदाहरण बन सके।
6 महीने चलेगा प्रतियोगिता का दौर
जिला उपायुक्त रविन्द्र पाटिल के अनुसार, योजना के अंतर्गत 3 जून से लेकर 2 दिसंबर 2025 तक 6 महीने का सोलर चैलेंज चलेगा। इस दौरान गांवों को अधिकतम सोलर पैनल लगाने, लोगों को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के आधार पर आंका जाएगा। जिस गांव का प्रदर्शन सबसे बेहतर होगा, उसे “मॉडल सौर गांव” घोषित किया जाएगा।
सौर ऊर्जा से मिलेगा पर्यावरण लाभ
डीसी पाटिल ने बताया कि सौर पैनल लगाने से न सिर्फ बिजली की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी। स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यह पहल बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि गांवों के सरपंचों और ग्राम सचिवों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि ग्रामीण इस योजना से लाभ ले सकें।
1 करोड़ की इनामी राशि से होगा गांव का विकास
इस योजना का एक और उद्देश्य है कि विजेता गांव को मिलने वाली 1 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग सार्वजनिक भलाई और ऊर्जा संबंधित विकास कार्यों में किया जाए। इससे गांव में सौर लाइट, सामुदायिक भवनों में सोलर सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।
प्रतियोगिता में शामिल गांवों की सूची
जिन 29 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
गुभाना, गोच्छी, बामनोली, बिरधाना, खेड़ी खुम्मार, अकेहड़ी मदनपुर, मातन, बराही, कानौंदा, साल्हावास, खरहर, मेहराणा, बिरोहड़, भापड़ौदा, बहू, पाटौदा, आसोदा टोडरान, खानपुर खुर्द, दुजाना, बूपनिया, दुल्हेड़ा, बहराणा, मातनहेल, रोहद, माजरा डी, मांडौठी, बादली, छारा और डीघल।
क्या होगा आदर्श सौर गांव का फायदा?
जो गांव इस प्रतियोगिता में विजेता बनकर सामने आएगा, उसे न सिर्फ धनराशि मिलेगी, बल्कि सरकार द्वारा मॉडल के रूप में चयनित किया जाएगा। इसके अलावा उस गांव को सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्राथमिकता मिलेगी और वहां भविष्य में अन्य ऊर्जा परियोजनाओं को भी स्थान मिल सकता है।
ग्रामीणों के लिए सुनहरा अवसर
इस योजना से झज्जर जिले के लोगों को न सिर्फ आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर भी बढ़ने का मौका मिलेगा। सरकार की यह पहल न सिर्फ पर्यावरण की रक्षा करती है, बल्कि ग्रामीण भारत को हरित ऊर्जा की दिशा में प्रेरित भी करती है।