धान की बिजाई पर सरकारी देगी 4500 प्रति एकड़, DSR तकनीक पर 182 करोड़ की मदद का ऐलान Haryana Paddy Subsidy

Haryana Paddy Subsidy: हरियाणा के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य की नायब सैनी सरकार ने धान की सीधी बिजाई (DSR) तकनीक को प्रोत्साहन देने के लिए प्रति एकड़ 4500 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है. पिछले तीन वर्षों से यह राशि 4000 रुपये प्रति एकड़ दी जा रही थी. लेकिन इस बार इसमें 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.

धान की बिजाई के लिए मशीन पर भी मिलेगी सब्सिडी

डीएसआर तकनीक अपनाने वाले किसानों को अब मशीन खरीदने पर भी फायदा मिलेगा. सरकार ने सीधी बिजाई मशीन पर 40 हजार रुपये तक की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है. इससे किसानों को तकनीकी संसाधनों तक पहुंच और अधिक सुलभ होगी. जिससे वे खेती में आधुनिकता और दक्षता ला सकें.

12 जिलों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

राज्य सरकार ने इस योजना को प्रदेश के 12 प्रमुख धान उत्पादक जिलों—अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत, जींद, हिसार, सिरसा, रोहतक और फतेहाबाद—में लागू किया है. इन जिलों में डीएसआर तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 182 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है.

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4 लाख एकड़ जमीन पर होगा सीधी बिजाई का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य इस बार 4 लाख एकड़ जमीन पर धान की सीधी बिजाई करने का है. हर साल औसतन 14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती होती है. ऐसे में यह लक्ष्य महत्वपूर्ण और व्यावहारिक बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है.

हर एकड़ पर मिलेगा पूरा लाभ

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि किसानों के लिए भूमि की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है. चाहे किसान एक एकड़ में DSR करें या 100 एकड़ में उसे प्रति एकड़ 4500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. यह सुविधा 15 जून से शुरू होने वाली धान की बुवाई के साथ लागू हो जाएगी.

सीधी बिजाई के फायदे

डीएसआर तकनीक से खेती करने पर कई तरह के लाभ मिलते हैं. एक अनुमान के अनुसार:

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  • 30% तक पानी की बचत होती है
  • 25 से 30% तक बिजली की खपत कम होती है
  • नर्सरी तैयार करने की आवश्यकता नहीं होती
  • रोपाई व मजदूरी पर आने वाला खर्च भी बचता है
  • कम ईंधन और पानी की खपत से कार्बन उत्सर्जन घटता है
  • मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है. जिससे फसल की गुणवत्ता बनी रहती है

सरकार का उद्देश्य

हरियाणा सरकार का यह कदम खेती में तकनीक और पर्यावरण के संतुलन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है. डीएसआर तकनीक जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और लागत घटाने जैसे प्रमुख मुद्दों को हल करती है.

कैसे करें आवेदन और पाएं लाभ

किसानों को लाभ उठाने के लिए कृषि विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा. इसके साथ ही अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारी से संपर्क कर योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी ली जा सकती है. मशीन की सब्सिडी के लिए अधिकृत डीलरों से खरीदारी करना जरूरी है.

सरकार का भविष्य विजन

हरियाणा जैसे राज्य में जहां भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है. वहां धान की सीधी बिजाई तकनीक एक स्थायी समाधान के रूप में देखी जा रही है. इससे ना केवल पानी की बर्बादी रुकेगी, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी.

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जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण की तैयारी

राज्य सरकार डीएसआर तकनीक को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रशिक्षण शिविर और जागरूकता अभियान भी चलाएगी. कृषि विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञों की मदद से किसानों को इस तकनीक के फायदे और प्रयोग विधि की जानकारी दी जाएगी.

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