BPL Card Cancellation 2025: राज्य सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने गलत तरीके से बनाए गए बीपीएल और एएवाइ कार्डधारियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए जून माह में 70,000 से अधिक अपात्र लोगों को सूची से बाहर कर दिया है. इनमें अधिकतर वे लोग शामिल हैं जिनके पास पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद वे गरीबों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले रहे थे.
पात्रता का सख्ती से हो रहा पालन
बीपीएल कार्ड उन्हीं परिवारों को मिलते हैं जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होती है. जिनके पास कोई वाहन नहीं होता, जो आयकर दाता नहीं होते और जो राज्य के स्थायी निवासी होते हैं. लेकिन कई लोगों ने पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) में अपनी आय को जानबूझकर कम दर्ज करवाया और बीपीएल कार्ड बनवा लिया.
रिकॉर्ड्स को जोड़कर शुरू हुई पड़ताल
अब राज्य सरकार ने वाहन पंजीकरण रिकॉर्ड को भी पीपीपी डेटा से लिंक कर दिया है. इससे यह स्पष्ट हो गया कि कई बीपीएल कार्डधारी वाहनों के मालिक हैं. बावजूद इसके वे सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा रहे हैं. इस पर कार्यवाही करते हुए कर्मचारियों को फील्ड में भेजा गया, जिन्होंने मौके पर जाकर लोगों की वास्तविक स्थिति की जांच की.
कोठी और गाड़ियों वाले ‘गरीब’ पकड़े गए
जांच में चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं. कई बीपीएल कार्डधारियों के घर कोठी जैसे बड़े भवन, कार, बाइक, ट्रैक्टर और यहां तक कि एसी तक पाए गए. जांच टीम ने इनकी फोटो लाइव लोकेशन के साथ अधिकारियों को भेजीं. जिससे यह साबित हुआ कि इन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया है.
इतने कार्ड हुए रद्द, जानिए खंडवार स्थिति
जून 2025 तक की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 17,811 बीपीएल व एएवाइ कार्ड रद्द किए गए हैं. जिससे लाभार्थियों की संख्या 10.56 लाख से घटकर 9.85 लाख रह गई है.
खंडवार स्थिति (जून 2025):
| खंड | कुल कार्ड | लाभार्थी |
|---|---|---|
| गन्नौर | 45,236 | 1,73,381 |
| गोहाना | 33,136 | 1,23,746 |
| कथूरा | 12,785 | 47,457 |
| खरखौदा | 29,038 | 1,09,382 |
| मुंडलाना | 20,921 | 76,484 |
| राई | 36,809 | 1,38,117 |
| सोनीपत | 85,100 | 3,17,234 |
| कुल | 2,63,025 | 9,85,801 |
मई की तुलना में कितना फर्क पड़ा?
मई 2025 में जिले में कुल 2,80,836 कार्डधारी थे और 10,56,639 लाभार्थी थे. यानि जून में 17,811 कार्ड और 70,838 लाभार्थियों को सूची से बाहर कर दिया गया.
जनवरी से अप्रैल तक भी रहा ऑडिट का सिलसिला
| माह | कुल कार्ड | लाभार्थी |
|---|---|---|
| जनवरी | 2,79,310 | 10,52,627 |
| फरवरी | 2,78,699 | 10,45,844 |
| मार्च | 2,79,295 | 10,47,989 |
| अप्रैल | 2,79,001 | 10,48,279 |
अब ऑनलाइन बनेगा बीपीएल कार्ड, जांच होगी मुख्यालय स्तर पर
राज्य सरकार अब पीपीपी रिकॉर्ड के आधार पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से बीपीएल और एएवाइ कार्ड बना रही है. पात्रता साबित होने पर कार्ड सीधे घर भेजे जा रहे हैं. यही वजह है कि अब फर्जीवाड़े की गुंजाइश कम हो रही है. विभागीय जांच और सत्यापन के बाद मुख्यालय स्तर से कार्ड रद्द किए गए हैं.
जिम्मेदारी और जवाबदेही तय हो रही है
गोहाना के एएफएसओ राजेश नसीर ने कहा कि अब विभाग फील्ड में जाकर ज़मीनी सच्चाई की पुष्टि कर रहा है. आने वाले समय में और सख्ती के साथ फर्जी कार्डधारियों को चिन्हित कर उन्हें सूची से बाहर किया जाएगा ताकि वास्तव में ज़रूरतमंद लोगों को ही लाभ मिल सके.