Haryana Bar Rules 2025: हरियाणा सरकार ने शराब परोसने और बार संचालन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नए निर्देशों के अनुसार अब राज्य में खुले में या भूतल (Ground Floor) पर बार नहीं चलाए जा सकेंगे, न ही यहां शराब बेचने या परोसने की अनुमति दी जाएगी. इसके अलावा नाच-गाना, लाइव परफॉर्मेंस और अन्य मनोरंजन गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है. यह आदेश आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ द्वारा जारी किया गया है.
अब बार सिर्फ कवर स्पेस में ही चलेंगे
भूतल पर बना कोई भी बार अब पूरी तरह छत से ढका हुआ होना चाहिए. खुले में सार्वजनिक मार्गों के किनारे या चौराहों के पास कोई बार संचालित नहीं किया जा सकेगा. बार को सिर्फ एकांत और चारदीवारी से घिरे स्थान पर ही अनुमति दी जाएगी, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले शोरगुल और सामाजिक असुविधाओं से बचा जा सके.
केवल ग्राउंड या फर्स्ट फ्लोर पर ही बार संचालन की अनुमति
संशोधित नियमों के तहत बार संचालन के लिए केवल ग्राउंड या फर्स्ट फ्लोर पर अनुमति मिलेगी, लेकिन शर्त यह है कि वे पूरी तरह से कवर और नियंत्रित क्षेत्र में हों. इसका सीधा असर राज्य में चल रहे रेस्तरां बार, ओपन बार और मनोरंजन क्लबों पर पड़ेगा, जहां पहले खुले स्थानों में भी शराब परोसी जाती थी.
किस क्षेत्रफल में मिल सकेगी बार संचालन की अनुमति
हरियाणा रेस्तरां (मदिरा उपभोग) संशोधन नियम के अनुसार शहरी क्षेत्रों में एक हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में बार खोलने की अनुमति नहीं होगी. इस सीमा में रसोई, भंडारण, शौचालय और बैठने की जगह शामिल होंगी. वहीं दस हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में 400 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र में बार खोलने की अनुमति दी जाएगी.
शराब दुकान के पास सिर्फ एक बार की इजाजत
एक और महत्वपूर्ण प्रावधान के तहत, एक शराब दुकान के पास सिर्फ एक ही बार खोला जा सकता है और वह उसी दुकान से लगी हुई जमीन पर होना चाहिए. साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि नगर निगम, परिषद, समितियों की बाहरी सीमा और राज्य सीमा से 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में बार का लाइसेंस केवल शराब ठेके के साथ ही जारी किया जाएगा.
इन क्षेत्रों में बार खोलने की विशेष अनुमति
नए नियमों के अनुसार निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेष अनुमति के तहत बार खोले जा सकेंगे:
- गुरुग्राम
- फरीदाबाद
- पंचकूला
- सोनीपत
- आईटी पार्क मानेसर और पंचकूला
- औद्योगिक आदर्श नगर क्षेत्र (मानेसर, बावल, रोहतक)
इन क्षेत्रों को आर्थिक और औद्योगिक दृष्टिकोण से उन्नत माना जाता है. जहां उद्योगों और कॉर्पोरेट गतिविधियों के कारण बार की मांग अधिक है.
ग्रामीण क्षेत्रों में बार संचालन की फीस और शर्तें
ग्रामीण इलाकों में बार खोलने के लिए एक लाख रुपये की शुल्क राशि निर्धारित की गई है. अगर शराब ठेकेदार स्वयं बार नहीं चलाना चाहता, तो वह उप आबकारी व कराधान आयुक्त की अनुमति से किसी अन्य व्यक्ति को संचालन का अधिकार सौंप सकता है.
मनोरंजन और लाइव शो पर भी रोक
सरकार ने बार में होने वाले लाइव म्यूज़िक, डांस परफॉर्मेंस और अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों पर भी रोक लगाने का फैसला किया है. इसका उद्देश्य शराबखानों को पारिवारिक और संयमित वातावरण में बदलना है. जहां सिर्फ खाने-पीने तक गतिविधियां सीमित रहें.
नए नियमों का कारण
ये नियम इसलिए लागू किए गए हैं ताकि शराबखानों को सार्वजनिक अव्यवस्था और अनैतिक गतिविधियों के केंद्र बनने से रोका जा सके. सरकार का लक्ष्य है कि शराब का सेवन सीमित और नियंत्रित वातावरण में हो. जिससे सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े.