Gurugram Station Rename: रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुड़गांव रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘गुरुग्राम’ करने के आदेश जारी कर दिए हैं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. जिससे यह ऐतिहासिक बदलाव जल्द जमीन पर दिखाई दे सके.
सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा सम्मान
गौरतलब है कि 27 सितंबर 2016 को हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम करने की घोषणा की थी. यह कदम महाभारतकालीन गुरु द्रोणाचार्य की धरती की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से उठाया गया था. केंद्र सरकार ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए इसे मंजूरी दे दी थी.
रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की लंबे समय से थी मांग
नाम बदलने के साथ ही यह मांग उठी कि गुड़गांव रेलवे स्टेशन का नाम भी बदलकर गुरुग्राम रेलवे स्टेशन किया जाए. ताकि यात्रियों को जिले के नए नाम की जानकारी मिल सके. देशभर के लाखों लोग स्टेशन बोर्ड पर ही सबसे पहले शहर का नाम देखते हैं. ऐसे में यह बदलाव व्यापक पहचान बनाने में मदद करेगा.
‘गुड़गांव हटाओ, गुरुग्राम लाओ’ अभियान से बनी लहर
स्थानीय लोगों की भावना को देखते हुए दैनिक जागरण ने ‘गुड़गांव हटाओ, गुरुग्राम लाओ’ अभियान चलाया था. इस अभियान को काफी समर्थन मिला और अब जाकर जनभावनाओं को सम्मान देने की दिशा में कदम बढ़ा है.
रेल मंत्री ने दिए त्वरित निर्देश
आईएमटी मानेसर स्थित मारुति सुजुकी प्लांट में गति शक्ति मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल के उद्घाटन के दौरान विधायक मुकेश शर्मा ने रेल मंत्री से स्टेशन नाम बदलने की मांग दोहराई. रेल मंत्री ने मौके पर ही महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दे दिया.
अगले सप्ताह से शुरू होगी नाम बदलने की प्रक्रिया
रेलवे महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने पुष्टि की कि अगले सप्ताह से नाम परिवर्तन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा कि लोगों की भावनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करते हुए नाम बदला जाएगा.
नाम बदलने से जुड़ेगा गौरव का भाव
गुरुग्राम नाम से यह स्पष्ट होता है कि यह गुरु द्रोणाचार्य की तपोभूमि है. नया नाम केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि गौरव और पहचान का प्रतीक होगा. स्टेशन का नाम बदलने के बाद प्रतिदिन गुजरने वाले हजारों यात्रियों को इस शहर की ऐतिहासिक महत्ता का भी आभास होगा.
‘गुरुग्राम’ बोर्ड लगने के दिन मनाया जाएगा उत्सव
स्थानीय विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि जिस दिन नया नाम वाला बोर्ड स्टेशन पर लगेगा, वह दिन शहरवासियों के लिए उत्सव जैसा होगा. यह केवल नाम का बदलाव नहीं, बल्कि लाखों लोगों की भावनाओं की जीत होगी. गुरुग्राम नाम अब देशभर में और मजबूत पहचान के साथ सामने आएगा.
सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता का मेल
यह नाम परिवर्तन उस शहर के लिए महत्वपूर्ण है जो एक ओर आईटी हब और औद्योगिक राजधानी के रूप में उभरा है. वहीं दूसरी ओर महाभारत कालीन इतिहास को भी अपने भीतर समेटे हुए है. गुरुग्राम नाम इस संतुलन को और मजबूत करेगा.