Sona Chandi Ka Bhav: देशभर के सर्राफा बाजारों में 17 जून 2025 को सोने के भाव में गिरावट देखने को मिली है. 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड आज 1,050 रुपये तक सस्ता हुआ है. बावजूद इसके इसकी कीमत अब भी ₹1,00,000 के ऊपर बनी हुई है. वहीं चांदी में तेजी का रुख बरकरार है और इसका भाव ₹1,10,000 प्रति किलो पर पहुंच गया है.
सोने के दाम में गिरावट
ईरान-इजरायल तनाव के चलते सोने की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है. ऐसे में मंगलवार को 24 कैरेट सोने का रेट कुछ शहरों में ₹1,050 तक घटा है. लेकिन यह अब भी अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब बना हुआ है.
देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें
मंगलवार 17 जून 2025 को भारत के विभिन्न शहरों में 10 ग्राम 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड रेट इस प्रकार रहे:
| शहर का नाम | 22 कैरेट रेट (₹) | 24 कैरेट रेट (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 92,150 | 1,00,520 |
| मुंबई | 93,050 | 1,00,370 |
| चेन्नई | 92,000 | 1,00,370 |
| कोलकाता | 93,050 | 1,00,370 |
| जयपुर | 92,150 | 1,00,520 |
| लखनऊ | 92,150 | 1,00,520 |
| पटना | 93,050 | 1,00,370 |
| बंगलुरु | 93,050 | 1,00,370 |
| नोएडा | 92,150 | 1,00,520 |
| गाजियाबाद | 92,150 | 1,00,520 |
चांदी में आई तेजी
आज के दिन चांदी की कीमत में भी उछाल देखा गया है. 17 जून 2025 को चांदी का भाव ₹1,10,000 प्रति किलो पर पहुंच गया है. पिछले दिन के मुकाबले ₹1,000 की बढ़त दर्ज की गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिवाली तक चांदी ₹1,20,000 प्रति किलो के स्तर को छू सकती है.
सोने-चांदी की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में सोने और चांदी की कीमतें कई प्रमुख बातों पर निर्भर करती हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
वैश्विक स्तर पर जैसे ही डॉलर कमजोर या मजबूत होता है या जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ता है, वैसे ही सोने-चांदी की कीमतें ऊपर-नीचे होती हैं.
- रुपया बनाम डॉलर
जब भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है. तब आयात महंगा हो जाता है और सोना भी महंगा बिकता है.
- सरकारी टैक्स और आयात शुल्क
इंपोर्ट ड्यूटी और GST जैसे टैक्स भी सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं.
- मांग और आपूर्ति का संतुलन
शादी-ब्याह, दिवाली, धनतेरस जैसे खास मौकों पर सोने की खरीदारी बढ़ जाती है. जिससे मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं.
क्या यह है सोना खरीदने का सही समय?
अभी सोने की कीमतों में गिरावट जरूर आई है. लेकिन यह अब भी उच्च स्तर पर बना हुआ है. यदि आप लॉन्ग टर्म निवेश के नजरिए से सोच रहे हैं, तो यह समय अच्छा माना जा सकता है. हालांकि, कीमतों में और गिरावट की संभावना को देखते हुए थोड़ी प्रतीक्षा करना समझदारी भी हो सकती है.
सोना निवेश का सुरक्षित विकल्प क्यों?
- इन्फ्लेशन से सुरक्षा: महंगाई के समय सोना एक बेहतर विकल्प माना जाता है.
- तरल संपत्ति: इसे तुरंत नकदी में बदला जा सकता है.
- संस्कृति से जुड़ा निवेश: भारत में सोना केवल संपत्ति नहीं. बल्कि परंपरा और विश्वास का प्रतीक है.
चांदी के निवेश को लेकर क्या कह रहे हैं जानकार?
विशेषज्ञों के अनुसार इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्लोबल सप्लाई चेन की चुनौतियों के कारण आने वाले समय में चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी देखी जा सकती है. यही कारण है कि कई निवेशक अब चांदी की ओर भी रुख कर रहे हैं.