Glacier Express Route: दुनिया की सबसे सुंदर और रोमांचक ट्रेनों में से एक, ग्लेशियर एक्सप्रेस, केवल एक ट्रेन नहीं. बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो यात्रियों को बर्फीली वादियों, ऊंचे पहाड़ों, सुरंगों और पुलों के बीच से होते हुए एक सपनों की दुनिया में ले जाती है. इस ट्रेन को ‘दुनिया की सबसे धीमी एक्सप्रेस’ कहा जाता है. लेकिन इसकी धीमी रफ्तार ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है.
6 जून को वंदे भारत की शुरुआत और ग्लेशियर एक्सप्रेस की तुलना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून को जम्मू-कश्मीर के कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. यह ट्रेन चिनाब ब्रिज जैसे दुनिया के सबसे ऊंचे पुल से होकर गुजरती है. पहाड़ी रास्तों और दुर्गम क्षेत्रों से होते हुए यह ट्रेन 191 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 3 घंटे में पूरी करती है. लेकिन अगर ट्रेन यात्रा में रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता की बात करें, तो ग्लेशियर एक्सप्रेस का मुकाबला कोई नहीं कर सकता.
291 किलोमीटर का सफर, लेकिन समय 8 घंटे!
ग्लेशियर एक्सप्रेस कुल 291 किलोमीटर की दूरी लगभग 8 घंटे में तय करती है. इस दौरान ट्रेन बिना किसी रुकावट के लगातार चलती है. इसकी औसत रफ्तार मात्र 24 मील प्रति घंटा है. इतनी धीमी गति यात्रियों को हर दृश्य का आनंद लेने का भरपूर मौका देती है.
291 पुल और 91 सुरंगें पार करती है यह ट्रेन
यह ट्रेन अपने सफर के दौरान 291 पुलों और 91 सुरंगों को पार करती है. ये आंकड़े ही इसकी कठिन यात्रा को दर्शाते हैं. ट्रेन का यह रोमांचक सफर चार हिस्सों में विभाजित है और यह स्विट्जरलैंड के दो प्रमुख शहरों—जर्मैट और सेंट मोरिट्ज—को जोड़ती है.
आल्प्स की वादियों से गुजरता है यह स्वर्ग जैसा सफर
इस ट्रेन की यात्रा स्विट्जरलैंड के आल्प्स पर्वतों से होकर गुजरती है. जहां बर्फ से ढके पहाड़, शांत घाटियां और नीले आसमान की छांव में सफर करना एक अलग ही एहसास देता है. बर्फ और शांत पहाड़ी गांवों के बीच से गुजरती इस ट्रेन में हर मोड़ पर प्रकृति का नया रूप देखने को मिलता है.
दो सबसे खास पड़ाव
लैंडवासर पुल:
यह एक ऐतिहासिक और इंजीनियरिंग का चमत्कार है. घुमावदार रास्तों और गहरी घाटियों से गुजरता यह पुल ट्रेन यात्रा को और भी ज्यादा रोमांचकारी और मनमोहक बना देता है.
ओबराल्प दर्रा:
यह इस रूट का सबसे ऊंचा प्वाइंट है, जो समुद्र तल से 2,033 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां से गुजरते वक्त यात्रियों को ऐसा लगता है जैसे वे बादलों के बीच सफर कर रहे हों.
ग्लेशियर एक्सप्रेस का ‘एक्सीलेंस क्लास’ अनुभव
ट्रेन में यात्रा को और भी शानदार बनाने के लिए एक्सीलेंस क्लास की सुविधा उपलब्ध है. जिसमें बड़ी और आरामदायक सीटें, सात कोर्स वाला डिनर, पर्सनल सर्विस मिलती है. यह सुविधा यात्रियों को फर्स्ट क्लास के भी ऊपर का अनुभव देती है.
टिकट की कीमत और सुविधाएं
इस ट्रेन का सफर जितना रोमांचक है, उतना ही महंगा भी है. टिकट की शुरुआती कीमत 470 स्विस फ्रैंक, यानी लगभग 44,350 रुपये है. लेकिन इस कीमत में जो अनुभव मिलता है. वह अमूल्य होता है.
क्या बनाता है ग्लेशियर एक्सप्रेस को खास?
- पर्यटकों के लिए अनोखा अनुभव जो कहीं और नहीं मिलता
- दुनिया की सबसे धीमी लेकिन सबसे स्थिर ट्रेन यात्रा
- प्राकृतिक सौंदर्य के बीच से गुजरती ट्रेन
- तकनीकी और इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम