Namo Bharat Train: नमो भारत ट्रेन अब यात्रियों को गाजियाबाद से गुरुग्राम महज 37 मिनट में पहुंचाएगी, जबकि सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में लगभग 100 मिनट लगते हैं. यह जानकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई दिल्ली-एनसीआर आरआरटीएस प्रोजेक्ट समीक्षा बैठक में सामने आई.
तीन प्रमुख कॉरिडोर पर काम जारी
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नमो भारत ट्रेन परियोजना के तहत 8 कॉरिडोर प्रस्तावित हैं. इनमें से तीन कॉरिडोर—दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ (82 किमी), दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (105 किमी), और दिल्ली-पानीपत-करनाल (136 किमी)—फिलहाल चरण-I में निर्माणाधीन हैं. इन परियोजनाओं से एनसीआर में बेहतर ट्रैफिक समाधान और तेज यात्रा की उम्मीद है.
परियोजनाओं की मंजूरी और निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह के साथ मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिल्ली-एसएनबी और दिल्ली-करनाल कॉरिडोर की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए. इससे समय पर परियोजनाएं पूरी हो सकेंगी और यात्री सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा.
एनसीआरटीसी ने दी विस्तृत प्रस्तुति
एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल ने दो प्रमुख कॉरिडोर पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के 55 किमी सेक्शन पर संचालन सफल रहा है और यात्रियों को तेज और सुरक्षित सफर मिल रहा है.
भविष्य के लिए तैयार हो डिज़ाइन
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि नमो भारत ट्रेन का डिज़ाइन भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार हो और इसे मेट्रो नेटवर्क के साथ कुशलतापूर्वक जोड़ा जाए. जिससे यात्रियों को सीमलेस कनेक्टिविटी मिल सके.
हरियाणा से दिल्ली एयरपोर्ट तक सीधे कनेक्शन की योजना
नमो भारत ट्रेन से हरियाणा के विभिन्न शहरों से दिल्ली एयरपोर्ट तक तेज और सीधी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी. यह कॉरिडोर हरियाणा, एनसीआर और राजधानी के बीच समय की बचत और यात्री सुविधा के लिहाज से बेहद फायदेमंद साबित होगा.
हाई स्पीड और अत्याधुनिक सुविधाएं
नमो भारत ट्रेन की अधिकतम डिज़ाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है. स्टेशनों के बीच 5 से 10 किमी की दूरी और हर 5-10 मिनट पर ट्रेन की उपलब्धता इसे एक कुशल परिवहन प्रणाली बनाती है. इसमें प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और ऑटोमेटेड किराया संग्रह प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं भी होंगी.