House Surrender Notice: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में नेहरू कॉलोनी के करीब 8000 मकानों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पुनर्वास विभाग ने यहां रह रहे लोगों को मकान सरेंडर करने का नोटिस जारी किया है। विभाग का कहना है कि ये मकान अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बने हैं। नोटिस में 10 जुलाई 2025 से विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
15 दिन का समय, नहीं माना तो खाली कराए जाएंगे मकान
26 जून को पुनर्वास विभाग के तहसीलदार विजय सिंह की ओर से यह नोटिस लगाया गया। नोटिस में साफ लिखा गया है कि 60 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके मकान बनाए गए हैं। लोगों को 15 दिन का समय दिया गया है। जिसके बाद विभाग स्वंय कब्जा हटवाने की कार्रवाई करेगा।
50 सालों से बसी बस्ती, लोग बोले- कहां जाएं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे 40-50 साल से यहां रह रहे हैं। उनका कहना है कि वोटर आईडी, आधार कार्ड, बिजली बिल, राशन कार्ड जैसे सभी दस्तावेज उनके पास हैं। ऐसे में उनका घर अवैध कैसे हो सकता है? रामसिंह, सुमित्रा देवी और शिवराम जैसे निवासियों ने बताया कि उनके परिवार पिछले कई दशकों से यहां रह रहे हैं।
दस्तावेजों की मौजूदगी पर उठाया सवाल
लोगों ने यह भी कहा कि अगर मकान अवैध हैं तो सरकार उनसे टैक्स क्यों वसूल रही है? नगर निगम टैक्स ले रहा है, बिजली के बिल आ रहे हैं और हर दस्तावेज पर नेहरू कॉलोनी का ही पता दर्ज है। इस आधार पर लोग नोटिस को अन्यायपूर्ण बता रहे हैं।
एलीवेटेड फ्लाईओवर परियोजना से जुड़ा मामला?
सूत्रों के अनुसार, मेट्रो चौक से सैनिक कॉलोनी तक एक एलीवेटेड फ्लाईओवर बनाने की योजना प्रस्तावित है। इसके लिए एनआईटी क्षेत्र की कुछ कॉलोनियों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। नेहरू कॉलोनी का एक हिस्सा भी इस परियोजना के दायरे में आता है, जिससे लोगों को हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
विरोध प्रदर्शन तेज, शहर भर में विरोध की लहर
नोटिस के बाद से लोग लघु सचिवालय और अन्य प्रमुख स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन उनकी पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना मकान खाली नहीं करवा सकता।
तहसीलदार बोले – आदेश उच्च अधिकारियों के पास
पुनर्वास विभाग के तहसीलदार विजय सिंह का कहना है कि यह मामला उच्च अधिकारियों और सरकार के संज्ञान में है। फिलहाल किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की जा रही। लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो 10 जुलाई के बाद विभाग कब्जा हटवाने की कार्रवाई करेगा।
सरकार और स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
बडखल से विधायक धनेश अदलखा ने स्पष्ट किया है कि सरकार किसी का घर नहीं टूटने देगी। उन्होंने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका है और सरकार सबको बसाने में विश्वास रखती है। स्थानीय निवासियों को आश्वस्त किया गया है कि उनके हितों की रक्षा की जाएगी।
पुनर्वास की मांग
लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन मकान खाली कराना चाहता है, तो पहले उन्हें बसाने का इंतजाम करे। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की देखभाल और रोजगार की चिंता के बीच बेघर होने की आशंका उन्हें नींद नहीं लेने दे रही।